New Rules From 1 October 2026: आज सितंबर महीने का आखिरी दिन है। कल यानी 1 अक्टूबर 2026 से देश में कई नियमों और कीमतों से जुड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका असर एलपीजी सिलेंडर, बैंकिंग सेवाओं, एफडी, एनआरआई से संपत्ति खरीदने की प्रक्रिया और रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पड़ सकता है। महीने की शुरुआत से पहले इन बदलावों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि किसी तरह की परेशानी या अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।
इनमें कुछ बदलाव सीधे उपभोक्ताओं से जुड़े हैं, जबकि कुछ का असर केवल कुछ लोगों पर पड़ेगा। एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार बायोमेट्रिक सत्यापन, एसबीआई ग्राहकों के लिए एटीएम लेनदेन, बड़ी रकम की एफडी और एनआरआई से संपत्ति खरीदने पर टीडीएस जैसे नियम खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं। वहीं, त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों और अक्टूबर की बैंक छुट्टियों पर भी लोगों की नजर रहेगी।
AC-TV और फ्रिज हो सकते हैं महंगे
त्योहारी सीजन से पहले एसी, एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और दूसरे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे होने की संभावना है। उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक कई कंपनियां 1 अक्टूबर से करीब 5 से 8 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं। तांबा, एल्युमीनियम, स्टील और कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की बढ़ी लागत तथा माल ढुलाई खर्च को इसकी वजह बताया गया है।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम
जन्म और मृत्यु के पंजीकरण से संबंधित नियमों को लेकर भी अक्टूबर से बदलाव की चर्चा है। हालांकि देरी से पंजीकरण पर जुर्माने और हलफनामे से जुड़ी जानकारी को लागू नियमों और संबंधित राज्य के प्रावधानों के आधार पर देखना जरूरी है। इसलिए इस बदलाव को पूरे देश में एक समान नई व्यवस्था के रूप में बताने से पहले स्थानीय नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।
LPG सिलेंडर की कीमत
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां घरेलू और कॉमर्सियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसलिए 1 अक्टूबर को भी नए दाम जारी किए जाएंगे। घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव होता है या नहीं, यह कंपनियों की उस दिन की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। व्यावसायिक सिलेंडर के दाम में भी बदलाव संभव है।
LPG के लिए आधार बायोमेट्रिक जरूरी
1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी रिफिल की बुकिंग के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना जरूरी होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही प्रमाणीकरण करा लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं है। प्रमाणीकरण वितरण के समय, गैस एजेंसी पर या संबंधित कंपनी के मोबाइल ऐप से किया जा सकता है।
LPG बुकिंग और डिलीवरी में सत्यापन
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जा रहा है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उद्देश्य सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति को वास्तविक लाभार्थियों तक सीमित करना है। हालांकि, इसे केवल एलपीजी की सामान्य उपलब्धता रोकने वाले नियम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार ने कहा है कि वास्तविक उपभोक्ताओं के लिए रिफिल उपलब्ध रहेगा।
SBI खाताधारकों के ATM शुल्क
भारतीय स्टेट बैंक के कुछ खाताधारकों के लिए एटीएम से जुड़े शुल्क और मुफ्त लेनदेन की सीमा में बदलाव अक्टूबर से प्रभावी हो रहे हैं। बैंकिंग रिपोर्टों के अनुसार, वेतन खाताधारकों के लिए अन्य बैंकों के एटीएम पर मुफ्त लेनदेन की सीमा 10 से घटकर 5 हो रही है। सीमा पार होने पर अतिरिक्त शुल्क लागू होगा।
बड़ी रकम वाली FD के नियम
1 अक्टूबर से बड़ी रकम वाली सावधि जमा के लिए बैंकों को ब्याज दर तय करने में अधिक लचीलापन मिलने जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, 3 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी जमा राशि वाली एफडी पर ब्याज दरों को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है। इसका असर मुख्य रूप से बड़ी राशि जमा करने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा।
NRI से संपत्ति खरीदने पर TDS प्रक्रिया आसान
अगर कोई निवासी व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार किसी अनिवासी भारतीय से अचल संपत्ति खरीदता है, तो 1 अक्टूबर 2026 से टीडीएस प्रक्रिया में बदलाव होगा। नए प्रावधान के तहत खरीदार को इस तरह की कटौती के लिए अलग से टैन लेने की जरूरत नहीं होगी। खरीदार अपने पैन के आधार पर कर कटौती और रिपोर्टिंग कर सकेगा।
एटीएफ के दाम
हर महीने की शुरुआत में तेल कंपनियां विमानन ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों की भी समीक्षा करती हैं। इसमें होने वाला बदलाव विमानन कंपनियों की लागत को प्रभावित कर सकता है और इसका असर आगे चलकर हवाई किराये पर दिखाई दे सकता है। हालांकि, किराये में वास्तविक बदलाव केवल एटीएफ की कीमत से तय नहीं होता, बल्कि अन्य परिचालन लागत और बाजार की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है।
अक्टूबर में बैंक कई दिन रहेंगे बंद
अक्टूबर 2026 में बैंक शाखाओं की छुट्टियां राज्य और बैंकिंग केंद्र के अनुसार अलग-अलग रहेंगी। आरबीआई के कैलेंडर के अनुसार महीने में अधिकतम 16 बंदी की तारीखें हो सकती हैं, जिनमें सप्ताहांत और क्षेत्रीय त्योहार शामिल हैं। छत्तीसगढ़ समेत हर राज्य के लिए छुट्टियों की सूची अलग हो सकती है। इसलिए बैंक जाने से पहले अपने क्षेत्र की सूची जरूर देख लें।
हर बदलाव का असर हर व्यक्ति पर समान नहीं
1 अक्टूबर से होने वाले सभी बदलाव हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं डालेंगे। एलपीजी उपभोक्ताओं, एसबीआई खाताधारकों, बड़ी एफडी रखने वालों, एनआरआई से संपत्ति खरीदने वालों और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वालों पर इनका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है। इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से संबंधित नियम और बैंक या सरकारी विभाग की आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर रहेगा।



