Farmers will do price satyagraha: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की बकाया राशि को लेकर किसान फिर आंदोलन की राह पर हैं। प्रदेश किसान संघ ने दावा किया है कि सरकार पर किसानों का 6,066 करोड़ रुपये बकाया है, जिसकी मांग को लेकर 26 अक्टूबर से दाम सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।
संघ के बैनर तले किसान भुगतान यात्रा निकालेंगे और जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेंगे। प्रदेश किसान संघ ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 की धान की अंतर राशि का भुगतान तत्काल करने की मांग की है।
क्या है किसानों की मुख्य मांगें?
किसान संघ ने चार बड़ी मांगें रखी हैं –
- वर्ष 2024-25 और 2025-26 की धान की अंतर राशि का तत्काल भुगतान किया जाए।
- धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,358 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
- राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त के 1,700 करोड़ रुपये तुरंत जारी हों।
- किसानों को MSP की गारंटी देने के लिए MSP गारंटी कानून बनाया जाए।
संघ का कहना है कि सरकार ने जो योजनाएं घोषित की हैं, उनका पैसा समय पर नहीं मिल रहा, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है।
कहां-कहां होगा प्रदर्शन ?
दाम सत्याग्रह का शेड्यूल जारी कर दिया गया है –
- 26 अक्टूबर: रायपुर से शुरुआत
- 27 अक्टूबर: धमतरी
- 28 अक्टूबर: कांकेर
- 29 अक्टूबर: कोंडागांव
- 30 अक्टूबर: जगदलपुर
- 31 अक्टूबर: नारायणपुर
सभी जगह जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर कलेक्टर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा। संघ ने कहा है कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. किसान आंदोलन कब से शुरू होगा?
26 अक्टूबर से रायपुर से दाम सत्याग्रह शुरू होगा, जो 31 अक्टूबर तक 6 जिलों में चलेगा।
Q2. कितना बकाया है?
किसान संघ के अनुसार धान की अंतर राशि मिलाकर सरकार पर 6,066 करोड़ रुपये बकाया है।
Q3. मुख्य मांगें क्या हैं?
धान का MSP 3,358 रु/क्विंटल, अंतर राशि का भुगतान, किसान न्याय योजना की चौथी किस्त के 1,700 करोड़ और MSP गारंटी कानून।



