रायपुर। छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति की राशि में जल्द ही इजाफा हो सकता है। इस लंबे समय से चली आ रही मांग पर गंभीर विचार करने के लिए राज्य शासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 7 अधिकारियों की एक विशेष कमेटी का गठन किया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
लंबे समय से चल रही थी फीस बढ़ाने की मांग
बता दें कि प्रदेश के निजी स्कूल संचालक लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे थे कि आरटीई के तहत बच्चों को पढ़ाने के एवज में मिलने वाली राशि को बढ़ाया जाए। स्कूल प्रबंधनों का तर्क था कि वर्तमान में मिल रही राशि से स्कूलों का खर्च और संचालन प्रभावित हो रहा है। इसी मांग को संज्ञान में लेते हुए अब स्कूल शिक्षा विभाग ने यह अहम प्रशासनिक कदम उठाया है, जो बच्चों और स्कूलों दोनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
रायपुर के संयुक्त संचालक होंगे कमेटी के अध्यक्ष
शासन की ओर से बनाई गई इस 7 सदस्यीय कमेटी में रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के शिक्षा विभाग के तेज-तर्रार अधिकारियों को शामिल किया गया है। संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
कमेटी में ये अफसर शामिल
1.संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर–अध्यक्ष
2. जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर–सदस्य
3. एसके सारस्वत, उप संचालक, समग्र शिक्षा–सदस्य सचिव
4. पोषण लाल वर्मा, सहायक संचालक (वित्त), लोक शिक्षण संचालनालय–सदस्य
5. सहायक संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दुर्ग–सदस्य
6. विकासखंड शिक्षा अधिकारी, डोंगरगांव, राजनांदगांव–सदस्य
7. सहायक संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर– सदस्य
यह कमेटी निजी स्कूलों में आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों पर आने वाले वास्तविक खर्च का आकलन करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर फीस बढ़ाने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।



