रविवार, 4 अक्तूबर 2026 रवि, 4 अक्तू॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
• Himalayan Heights Raipur Dispute: हिमालय हाइट्स में 5 फ्लैट तोड़कर कोयला कारोबारी ने बनाया आफिस, CGHB में शिकायत के बाद देने लगा धमकी..दम है तो रोककर दिखाओ, जानें क्या है मामला • CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: नवा रायपुर में बनेगा सिंगापुर जैसा बॉटनिकल गार्डन, SBF के डिनर में दिया छत्तीसगढ़ में निवेश का न्योता, जानें क्या बात हुई • Asian Games 2026 India Medals: अलविदा आइची-नागोया, अब दोहा में मिलेंगे, एशियन गेम्स में भारत का रहा दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन • Bilaspur: बच्चे की वैधता को लेकर हाईकोर्ट का अहम फैसला, कहा-सिर्फ डीएनए रिपोर्ट से नहीं छीनी जा सकती… • Rajnandgaon Gada Dhan Tantra Kriya: गड़ा धन निकालने नदी किनारे कर रहे थे तंत्र क्रिया, मौके पर पहुंचे ग्रामीण, जानें फिर क्या हुआ
Raipur

Raipur: अवमानना की चेतावनी के बाद पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों में दिखाई तेजी, अकेले राजधानी में 120 एफआईआर दर्ज

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और सीएस-डीजीपी पर अवमानना की चेतावनी के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों में गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। अकेले राजधानी रायपुर में ही पुलिस ने लापता 120 से ज्यादा लोगों की गुमशुदगी पर FIR दर्ज की है। दरअसल पहले जहां बालिगों के लापता होने पर सिर्फ डायरी […]

gumshudgi fir
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और सीएस-डीजीपी पर अवमानना की चेतावनी के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों में गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। अकेले राजधानी रायपुर में ही पुलिस ने लापता 120 से ज्यादा लोगों की गुमशुदगी पर FIR दर्ज की है।

दरअसल पहले जहां बालिगों के लापता होने पर सिर्फ डायरी में एंट्री कर औपचारिकता निभाई जाती थी, अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नाबालिग के साथ बालिग के लापता होने पर भी FIR दर्ज करना अनिवार्य हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को दी सख्त चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए अमानउल्लाह और आर माधवन की बेंच ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने पर, चाहे उसकी उम्र या लिंग कुछ भी हो, तुरंत FIR दर्ज की जाए।

कोर्ट ने कहा था कि जिन राज्यों के मुख्य सचिव और DGP आदेश का पालन करने में नाकाम रहेंगे, उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई होगी और उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर सफाई देनी होगी। इसी चेतावनी के बाद पुलिस हरकत में आई है।

अब नहीं करना होगा 24 घंटे का इंतजार

कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही तुरंत FIR दर्ज की जाए। इसके लिए न तो शुरुआती जांच का इंतजार किया जाए और न ही परिवार को पहले खुद खोजने के लिए कहा जाए। कोर्ट ने कहा कि लापता होने के बाद के शुरुआती कुछ घंटे गोल्डन आवर्स होते हैं, जिसमें सुरक्षित मिलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इसलिए 24 घंटे का इंतजार न किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट के ये निर्देश लापता लोगों, मानव तस्करी और पीडि़तों की बरामदगी व पुनर्वास से निपटने के लिए पूरे देश में एक समन्वित व्यवस्था लागू करने की चल रही प्रक्रिया के तहत जारी किए गए थे।

मानव तस्करी के संदेह पर तुरंत स्पेशल यूनिट को सौंपें केस

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि अगर पुलिस को लगता है कि लापता व्यक्ति के मामले में मानव तस्करी शामिल है तो 4 महीने का इंतजार किए बिना केस को स्पेशल एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंपा जाए। केंद्र और सभी राज्यों को 4 हफ्ते के भीतर अपनी मानव तस्करी रोधी यूनिटों को पूरी तरह सक्रिय करने का आदेश भी दिया गया है।

राजधानी में 120 FIR दर्ज होना इसी नई व्यवस्था की शुरुआत है, जिससे लापता लोगों की बरामदगी और तस्करी पर रोक में तेजी आने की उम्मीद है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. रायपुर में कितनी गुमशुदगी पर FIR हुई है?
अकेले राजधानी रायपुर में 120 से ज्यादा लापता लोगों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की है।

Q2. सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिया था?
जस्टिस ए अमानउल्लाह और आर माधवन ने कहा किसी भी उम्र या लिंग के व्यक्ति के लापता होने पर तुरंत FIR दर्ज हो, जांच या 24 घंटे का इंतजार न किया जाए।

Q3. CS और DGP पर अवमानना की चेतावनी क्यों?
आदेश पालन में नाकाम रहने पर मुख्य सचिव और DGP के खिलाफ अवमानना कार्रवाई और व्यक्तिगत पेशी की चेतावनी दी गई थी।

Q4. पहले क्या होता था?
पहले बालिगों की गुमशुदगी पर सिर्फ डायरी में एंट्री कर औपचारिकता होती थी, अब FIR दर्ज करना अनिवार्य है।

Q5. मानव तस्करी के मामलों में क्या आदेश है?
तस्करी के संदेह पर 4 महीने का इंतजार किए बिना केस स्पेशल यूनिट को सौंपना होगा और 4 हफ्ते में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट सक्रिय करनी होगी।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन