रायपुर। राजधानी रायपुर के डुमरतराई स्थित गृह निर्माण मंडल (CGHB) की आवासीय कॉलोनी ‘हिमालय हाइट्स फेज-2’ में एक कोयला कारोबारी की मनमानी को लेकर भारी बवंडर खड़ा हो गया है। कारोबारी ने रिहायशी इलाके के फ्लैट नंबर 1007 से 1012 (6 फ्लैट्स) पर कब्जा जमाकर उन्हें आपस में जोड़ दिया है और खुलेआम कमर्शियल ऑफिस संचालित कर रहा है। इसके लिए फ्लैट्स की अंदरूनी दीवारें तक तोड़ दी गई हैं, जिससे पूरी बिल्डिंग के स्ट्रक्चर पर खतरा मंडराने लगा है।
अध्यक्ष ने दी है अनुमति, जो करना है कर लो…
सोसाइटी के मध्यमवर्गीय रहवासियों का आरोप है कि इस अवैध तोड़फोड़ और दफ्तर के विरोध पर कारोबारी खुलेआम दादागिरी कर रहा है। पीड़ित निवासियों के मुताबिक, कारोबारी बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों से अपने संबंधों का रौब दिखाता है। उसने रहवासियों को धमकी देते हुए कहा कि रोक कर दिखाओ, हमें तो CGHB अध्यक्ष अनुराग सिंह ने दफ्तर खोलने की अनुमति दी है। इस रवैये से सहमे रहवासियों को अब अपने जान-माल के नुकसान का डर सता रहा है।
नियम ताक पर, लिफ्ट और सीढ़ियों का बुरा हाल
हाउसिंग बोर्ड के नियमों के मुताबिक आवासीय परिसरों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद फ्लैटों की दीवारें तोड़कर मूल नक्शे (TNC पास मैप) में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।
रहवासियों का कहना है कि लगातार निर्माण कार्य और मलबे के कारण पूरी सोसाइटी में धूल-गंदगी फैली हुई है। निर्माण सामग्री ढोने से बी-ब्लॉक की सीढ़ियां और लिफ्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही हैं और आए दिन अज्ञात लोगों की आवाजाही से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनवरी से काट रहे चक्कर, बोर्ड बेपरवाह
निवासियों का कहना है कि वे जनवरी से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। कार्यपालन अभियंता (EE) से लेकर मंडल आयुक्त तक को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन ठोस कार्रवाई के बजाय सिर्फ आश्वासन मिला।
आयुक्त ने जांच टीम भेजने का वादा किया था, जो महीनों बीत जाने के बाद भी नहीं पहुंची। अब बेबस रहवासियों ने आयुक्त से खुद मौके का निरीक्षण कर इस अवैध ऑफिस को तत्काल सील करने और सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।



