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क्या आप जानते हैं मां लक्ष्मी के वाहन उल्लू से जुड़े ये रहस्य? बुद्धि, विवेक और धन के प्रबंधन का है गहरा नाता

Why owl is vehicle of Goddess Lakshmi
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Goddess Lakshmi Vehicle: हिंदू धर्म में हर देवी-देवता के अपने-अपने वाहन होते हैं, जिनके चयन के पीछे कोई न कोई धार्मिक महत्व है।
  • जिस तरह भगवान शिव का वाहन नंदी, भगवान विष्णु का गरुड़, दुर्गा जी का वाहन शेर और गणेश जी का वाहन चूहा है, ठीक उसी तरह धन की देवी माता लक्ष्मी का वाहन उल्लू है।
  • कई चित्रों में कमल के फूल के साथ माता लक्ष्मी को उल्लू पर भी सवार दिखाया जाता है, इसलिए उन्हें उलूक वाहिनी भी कहा जाता है।
  • लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर माता लक्ष्मी ने अन्य पशु-पक्षियों को छोड़कर सिर्फ उल्लू को ही अपना वाहन क्यों चुना?।

Goddess Lakshmi Vehicle: हिंदू धर्म में हर देवी-देवता के अपने-अपने वाहन होते हैं, जिनके चयन के पीछे कोई न कोई धार्मिक महत्व है। जिस तरह भगवान शिव का वाहन नंदी, भगवान विष्णु का गरुड़, दुर्गा जी का वाहन शेर और गणेश जी का वाहन चूहा है, ठीक उसी तरह धन की देवी माता लक्ष्मी का वाहन उल्लू है।

कई चित्रों में कमल के फूल के साथ माता लक्ष्मी को उल्लू पर भी सवार दिखाया जाता है, इसलिए उन्हें उलूक वाहिनी भी कहा जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर माता लक्ष्मी ने अन्य पशु-पक्षियों को छोड़कर सिर्फ उल्लू को ही अपना वाहन क्यों चुना? आइए जानते हैं इसके पीछे की पौराणिक कथा।

वाहन के लिए मची थी होड़

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि की रचना के बाद जब सभी देवी-देवता पृथ्वी पर आए, तो पशु-पक्षियों में उन्हें अपना वाहन बनाने की होड़ मच गई और वे आपस में लड़ने लगे। स्थिति को संभालते हुए मां लक्ष्मी ने सभी को शांत किया और एक फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि वे हर साल कार्तिक मास की अमावस्या यानी दीवाली की रात को पृथ्वी पर विचरण करने आती हैं। इसलिए, उसी रात वे अपने वाहन का चुनाव करेंगी।

ऐसे बना उल्लू मां लक्ष्मी का वाहन

कार्तिक अमावस्या की रात चारों तरफ घना अंधेरा था। माता लक्ष्मी जब पृथ्वी पर आईं, तो अंधेरे के बीच उल्लू ने अपनी तेज और विलक्षण नजरों से माता लक्ष्मी को तुरंत पहचान लिया। इसके बाद उल्लू तीव्र गति से उड़कर माता लक्ष्मी के पास पहुंचा और उनसे प्रार्थना की कि वे उसे अपने वाहन के रूप में स्वीकार करें। उस समय आसपास और कोई दूसरा पशु-पक्षी न होने के कारण माता लक्ष्मी ने उल्लू को अपनी सवारी के रूप में चुन लिया। तभी से उन्हें उलूक वाहिनी कहा जाने लगा।

उल्लू से जुड़ी खास धार्मिक मान्यताएं

हिंदू धर्म में उल्लू को बहुत भाग्यशाली और शुभ माना जाता है। उल्लू का घर की छत या सपने में दिखाई देना किसी अच्छी खबर का संकेत माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से उल्लू को बुद्धि, विवेक और शांति का प्रतीक माना जाता है। जिस तरह उल्लू को रात के अंधेरे में भी साफ दिखाई देता है, इससे साफ संदेश मिलता है कि, सच्चे ज्ञानी और धनवान व्यक्ति को संकट या अज्ञानता के अंधकार में भी सही मार्ग की पहचान होनी चाहिए। इसके अलावा, उल्लू का स्वभाव सिखाता है कि धन का प्रदर्शन करने के बजाय उसकी रक्षा और उसका विवेकपूर्ण उपयोग किया जाना चाहिए।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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