Sinhastha Kumbh 2027: महाराष्ट्र के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आस्था के सबसे बड़े समागम ‘सिंहस्थ कुंभ मेला’ की आधिकारिक शुरुआत होने जा रही है। 31 अक्तूबर को आयोजित होने वाले विशेष ध्वजारोहण समारोह के साथ ही इस विशाल धार्मिक आयोजन का शंखनाद हो जाएगा।
इस भव्य आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन और कुंभ मेला प्राधिकरण की ओर से सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
2026 से 2028 तक चलेगा आयोजन, 2027 में होंगे मुख्य ‘अमृत स्नान’
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह धार्मिक समागम 31 अक्तूबर 2026 से शुरू होकर वर्ष 2028 के मध्य तक जारी रहेगा। हालांकि, श्रद्धालुओं के लिए सबसे पवित्र माने जाने वाले मुख्य ‘अमृत स्नान’ के शुभ अवसर वर्ष 2027 में आएंगे। इन तिथियों के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं और साधु-संतों के गोदावरी नदी के पवित्र तटों पर एकत्र होने की संभावना है।
लॉन्च हो रहा है आधिकारिक वेब पोर्टल
तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुगम यात्रा को ध्यान में रखते हुए ‘नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण’ (NTKMA) एक एकीकृत आधिकारिक वेब पोर्टल तैयार कर रहा है। ध्वजारोहण समारोह के अवसर पर 31 अक्तूबर को इस पोर्टल का शुरुआती (स्टैटिक) संस्करण औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर विश्वसनीय जानकारी प्रदान करना है।
अखाड़ों और घाटों की मिलेगी जानकारी
यह नया पोर्टल ‘नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला 2027’ की डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराएगा। इस प्लेटफॉर्म पर कुंभ मेले के आध्यात्मिक महत्व, पौराणिक इतिहास, परंपराओं और रीति-रिवाजों के बारे में प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध होगी। इसके अलावा, नासिक और त्र्यंबकेश्वर के प्रमुख मंदिरों, प्रसिद्ध घाटों, विभिन्न अखाड़ों और धार्मिक स्थलों की विस्तृत गाइड मिलेगी, जिससे श्रद्धालुओं को अपनी आध्यात्मिक यात्रा की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
परिवहन, मार्ग और यात्रा से जुड़े विकल्पों का मिलेगा विवरण
कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए पोर्टल पर हवाई, रेल, सड़क और स्थानीय परिवहन से जुड़ी तमाम जानकारियां मुहैया कराई जाएंगी। नासिक शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर कस्बे तक पहुंचने के अलग-अलग रास्तों और साधनों के बारे में भी स्पष्ट मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि किसी भी यात्री को रास्ते में भटकना न पड़े।
ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग और शटल सेवाओं की लाइव अपडेट्स
जैसे-जैसे कुंभ मेला आगे बढ़ेगा और यह डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित होगा, इसमें यात्रियों के लिए उपयोगी अन्य सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। पोर्टल पर पार्किंग क्षेत्रों, ट्रैफिक डायवर्जन, प्रवेश-निकास (इंटी-एग्जिट) बिंदुओं, शटल बस सेवाओं और पैदल मार्गों का नक्शा व विवरण लगातार अपडेट किया जाएगा। इससे श्रद्धालु भीड़भाड़ से बचते हुए सुरक्षित और आरामदायक तरीके से दर्शन-स्नान कर सकेंगे।



