Black-marketing in a village adopted by the Governor: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने जिस गांव को गोद लिया है, राशन के कालाबाजारियों ने उस गांव को भी नहीं छोड़ा। बेमेतरा जिले में शासकीय उचित मूल्य की दुकान में लाखों रुपये के राशन की हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है।
पूरा मामला नांदघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेमरी का है। यह वही ग्राम पंचायत है जिसे प्रदेश के राज्यपाल ने गोद लिया है। गांव में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान की जांच के दौरान बड़ी अनियमितता मिली, जिसने प्रशासन के होश उड़ा दिए।

दुकान हैंडओवर के दौरान पकड़ी गई हेराफेरी
जानकारी के अनुसार जब शासकीय उचित मूल्य की दुकान को साहेब बंदगी स्व-सहायता समूह, एरमशाही से धनलक्ष्मी महिला समूह को हस्तांतरित किया जा रहा था, तब भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी सामने आई। जांच में 527 क्विंटल चावल और 21 क्विंटल नमक का हिसाब नहीं मिला।
22.90 लाख का चावल-नमक गायब
विभाग ने गायब राशन की कीमत 22,90,910 रुपये आंकी है। इसके अलावा नागरिक आपूर्ति निगम के खाते में 65 हजार रुपये की अग्रिम जमा राशि भी जमा नहीं कराए जाने की बात सामने आई है। यह राशि भी गबन की आशंका जताई जा रही है।

दो बार नोटिस भेजा, जवाब नहीं मिला
मामले में खाद्य विभाग की ओर से संबंधित संचालकों को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि विभाग के अनुसार नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए नवागढ़ एसडीएम के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की गई।
विक्रेता समेत समूह पर केस दर्ज
खाद्य निरीक्षक प्राची केशरवानी की शिकायत पर नांदघाट पुलिस ने महिला समूह की अध्यक्ष पुष्पा बाई, सचिव नीरा बाई, विक्रेता मनीष साहू सहित समूह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. बेमेतरा में राशन घोटाला कहां हुआ?
नांदघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेमरी में, जिसे प्रदेश के राज्यपाल ने गोद लिया है।
Q2. कितने राशन का गबन हुआ है?
जांच में 527 क्विंटल चावल और 21 क्विंटल नमक गायब मिला है, जिसकी कीमत 22,90,910 रुपये आंकी गई है।
Q3. किसके खिलाफ FIR दर्ज हुई है?
साहेब बंदगी स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष पुष्पा बाई, सचिव नीरा बाई, विक्रेता मनीष साहू सहित समूह के अन्य सदस्यों के खिलाफ BNS और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है।



