Official suspended for irregularities: युक्तियुक्तकरण और पदोन्नति में खेल करने वाले शिक्षा विभाग के बाबू पर आखिर गाज गिर ही गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कनिष्ठ लेखा परीक्षक सुनील कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत आई थी कि युक्तियुक्तकरण और संशोधित पदोन्नति के प्रकरणों में जमकर अनियमितता की गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए DEO ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई। समिति ने 31 अगस्त और 23 सितंबर को दो रिपोर्ट सौंपी, जिसमें प्रथम दृष्टया गड़बड़ी प्रमाणित हुई।
3 सदस्यीय समिति ने की जांच
शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति ने 31 अगस्त और 23 सितंबर 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके साथ संबंधित अभिलेखों की भी जांच की गई।
सिविल सेवा नियम के तहत निलंबन
जांच के आधार पर यादव को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया था। उन्होंने 25 सितंबर को अपना जवाब प्रस्तुत किया, जिसे संतोषप्रद नहीं माना गया। जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गई अनियमितता को प्रथमदृष्टया प्रमाणित माना। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल दयालबंद, बिल्हा कर दिया गया है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. बिलासपुर में किस अफसर को निलंबित किया गया?
जिला शिक्षा कार्यालय बिलासपुर में पदस्थ कनिष्ठ लेखा परीक्षक सुनील कुमार यादव को।
Q2. निलंबन की वजह क्या है?
युक्तियुक्तकरण और संशोधित पदोन्नति प्रकरण में अनियमितता और पदीय दायित्व में गंभीर लापरवाही।
Q3. शिकायत कहां हुई थी?
सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर।
Q4. जांच किसने की?
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित 3 सदस्यीय समिति ने, जिसने 31 अगस्त और 23 सितंबर 2026 को रिपोर्ट दी।
Q5. कारण बताओ नोटिस का क्या हुआ?
25 सितंबर को यादव ने जवाब दिया, लेकिन DEO ने उसे असंतोषजनक माना।



