रायपुर। आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़े की लगातार शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर दो निजी अस्पतालों — मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल एंडवांस यूरोलॉजी सेंटर का लाइसेंस नर्सिंग होम एक्ट के तहत निरस्त कर दिया गया है।
रायपुर के इन 6 अस्पतालों में छापा
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने श्री अनंत साईं हॉस्पिटल, श्री महावीर अस्पताल-मोवा, वरदान हॉस्पिटल, मेड लाइफ, लोटस हॉस्पिटल और रावतपुरा हॉस्पिटल में छापेमारी की। आयुष्मान योजना के तहत भर्ती फर्जी मरीजों के क्लेम और रिकॉर्ड की जांच की गई।
जांच में क्या मिला?
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर इंद्रजीत बर्मन ने बताया कि जांच कमेटी बनाकर छापेमारी की गई थी। रिपोर्ट में फर्जी मरीज भर्ती कराना और कमीशनखोरी का खेल साबित हुआ है, जिसके बाद लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
बीजू स्वास्थ्य योजना की भी शिकायतें
आयुष्मान कार्ड के साथ-साथ ओडिशा सरकार की बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना में भी फर्जीवाड़े की शिकायतें मिली हैं। छत्तीसगढ़ के कुछ अस्पतालों में इस योजना के तहत भी इलाज होता है। विभाग अब दोनों योजनाओं के रिकॉर्ड और दावों की विस्तृत जांच कर रहा है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. रायपुर के किन 2 अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त हुआ है?
Ans: स्वास्थ्य विभाग ने मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल एंडवांस यूरोलॉजी सेंटर का लाइसेंस नर्सिंग होम एक्ट के तहत निरस्त किया है।
Q2. अस्पतालों पर कार्रवाई क्यों की गई?
Ans: आयुष्मान भारत योजना में फर्जी मरीज भर्ती कर क्लेम लेने और कमीशनखोरी की शिकायतों की जांच में पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। डिप्टी डायरेक्टर इंद्रजीत बर्मन ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जानकारी दी।
Q3. किन-किन अस्पतालों में छापेमारी हुई थी?
Ans: रायपुर में श्री अनंत साईं हॉस्पिटल, श्री महावीर अस्पताल-मोवा, वरदान हॉस्पिटल, मेड लाइफ, लोटस और रावतपुरा हॉस्पिटल समेत प्रदेश के 100 से ज्यादा अस्पतालों में छापेमारी हुई थी।



