Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का दिन भारतीय खेल इतिहास के सबसे यादगार और स्वर्णिम दिनों में से एक बन गया है। आज के दिन भारतीय खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी, कुश्ती और अन्य स्पर्धाओं में अपने जादुई प्रदर्शन से देश की झोली में कई पदक डाले हैं।
खेल महाकुंभ में अब भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है, जिसमें 15 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य पदक शामिल हैं। अकेले आज के दिन ही भारतीय दल ने पांच शानदार स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं, जिससे पूरे देश में जश्न का माहौल है।
मुक्केबाजी में भारत का दबदबा, अंकुश पंघाल ने जीता स्वर्ण
भारतीय मुक्केबाजों ने आज रिंग में अपना लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया है। पुरुष मुक्केबाजी के 80 किग्रा भार वर्ग के खिताबी मुकाबले में प्रतिभाशाली मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने दक्षिण कोरिया के मजबूत खिलाड़ी मिनसियोंग किम को 4-0 से करारी शिकस्त दी। यह आज के दिन मुक्केबाजी में आया तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले महिला वर्ग में लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने भी सोने के तमगे जीते थे, जिससे साफ हो गया है कि भारतीय मुक्केबाजी इस समय अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रही है।
फाइनल तक का सफर रहा अजेय, कोरियाई मुक्केबाज को दी मात
अंकुश पंघाल के लिए स्वर्ण तक पहुंचने का यह सफर बेहद शानदार और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने फाइनल से पहले के मुकाबलों में भी बेहतरीन तकनीक और गजब का संयम दिखाया था। शुरुआती दौर में बहरीन और ताजिकिस्तान के खिलाड़ियों को मात देने के बाद सेमीफाइनल में उन्होंने मौजूदा 75 किग्रा विश्व चैंपियन फजलिद्दीन एर्किनबोएव को 4-1 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। खिताबी मुकाबले में भी उन्होंने अपनी शानदार रणनीति का परिचय देते हुए पहला राउंड अपने नाम किया और अंततः स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
कुश्ती के अखाड़े में सुजीत कलकल का चमत्कारी कमबैक
मुक्केबाजी के बाद कुश्ती के अखाड़े में भी भारत के लिए एक बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक पल आया। सुजीत कलकल ने फाइनल मुकाबले में अद्भुत और अविश्वसनीय वापसी करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एक समय ताजिकिस्तान के पहलवान के खिलाफ मुकाबला खेलते हुए सुजीत 6-9 के स्कोर से पीछे चल रहे थे और हार की कगार पर नजर आ रहे थे। लेकिन मैच के आखिरी पलों में उन्होंने गजब की फुर्ती दिखाई और अपने प्रतिद्वंद्वी को उठाकर मैट पर दो बार जोरदार तरीके से पटक दिया।
रोमांचक दांव से स्कोर पलटकर सुजीत ने रचा इतिहास
सुजीत कलकल के इस हैरान कर देने वाले और आक्रामक दांव ने मैच का पासा पूरी तरह से पलट दिया। अंतिम क्षणों में मिले इन अंकों के दम पर उन्होंने स्कोर 6-9 से सीधे 10-9 कर लिया और मुकाबले को रोमांचक तरीके से अपने नाम कर लिया। उनकी इस जबर्दस्त वापसी और खेल भावना ने स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुजीत के इस स्वर्ण पदक ने कुश्ती में देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है और भारतीय दल के हौसलों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
परवीन हुड्डा का संघर्ष और सेपकटकरा में कांस्य पदक
आज के दिन परवीन हुड्डा ने भी महिला मुक्केबाजी में कड़े संघर्ष के बाद स्वर्ण पदक देश की झोली में डाला। उन्होंने अपने फाइनल मुकाबले में बेहद करीबी और संघर्षपूर्ण टक्कर के बीच स्प्लिट डिसीजन से 3-2 से जीत हासिल की। इसके अलावा, सेपकटकरा की पुरुष टीम ने भी बेहतरीन खेल दिखाते हुए देश के लिए कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में जापान के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद भारतीय टीम ने यह पदक अपने नाम किया, जिससे कुल पदकों का आंकड़ा 75 तक पहुंच गया है।



