8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों को लेकर बैठकों का दौर जारी है। चेन्नई और पुड्डुचेरी में हितधारकों के साथ हुई चर्चा के बाद अब 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ में अगली बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में ज्यादातर कर्मचारी और पेंशनर्स यूनियनों, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों और अन्य हितधारकों की ओर से फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 (या 3.833) करने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है।
अगर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है, तो करीब 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों की आय में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके तहत लेवल-1 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में एक झटके में 50,940 रुपये तक का उछाल आ सकता है।
कर्मचारी संघों ने रखा 3.833 का प्रस्ताव, मई-जून 2027 में आ सकती है अंतिम रिपोर्ट
फिटमेंट फैक्टर को 3.833 करने का प्रस्ताव अखिल भारतीय पेंशनभोगी संघ, संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र की राष्ट्रीय परिषद (NC-JCM), अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ (AIDEF) और अखिल भारतीय नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ समेत कई प्रमुख संगठनों ने रखा है। कर्मचारियों की मांगों में फिटमेंट फैक्टर के अलावा पे-मैट्रिक्स, महंगाई भत्ता (DA), HRA और अन्य लाभ व भत्ते भी शामिल हैं। हालांकि, इन सिफारिशों पर अंतिम निर्णय होने में अभी समय लगेगा। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली 8वें वेतन आयोग की समिति की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 में पेश किए जाने की संभावना है।
समझिए क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और इसका कैलकुलेशन फॉर्मूला
फिटमेंट फैक्टर वह आंकड़ा है, जिसका इस्तेमाल वेतन आयोग किसी कर्मचारी के पूर्व-संशोधित बेसिक सैलरी या रिटायर्ड कर्मचारी की पेंशन को नए संशोधित मूल वेतन में बदलने के लिए करता है। इसका कैलकुलेशन ‘नया मूल वेतन = वर्तमान मूल वेतन × फिटमेंट फैक्टर’ के फॉर्मूले से किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम basic सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी। अब 8वें वेतन आयोग में इसे 3.833 करने की मांग की जा रही है, जो कि पिछले फिटमेंट फैक्टर से 1.26 गुना अधिक है।
किस लेवल पर कितनी बढ़ेगी सैलरी?
अगर सरकार 3.83 का फिटमेंट फैक्टर मंजूर करती है, तो अलग-अलग पे-स्केल के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा:
| पे-लेवल (Pay Level) | वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी | 3.83 फिटमेंट फैक्टर के बाद नई basic सैलरी |
| लेवल-1 | ₹18,000 | ₹68,940 (लगभग ₹69,000) |
| लेवल-2 | ₹19,900 | ₹76,217 |
| लेवल-3 | ₹21,700 | ₹83,111 |
| लेवल-4 | ₹25,500 | ₹97,665 |
| लेवल-5 | ₹29,200 | ₹1,11,836 |
| लेवल-6 | ₹35,400 | ₹1,35,582 |
| लेवल-10 | ₹56,100 | ₹1,14,863 |
69 लाख पेंशनभोगियों की पेंशन में भी होगा बड़ा इजाफा
फिटमेंट फैक्टर में संशोधन का सीधा फायदा केंद्र सरकार के 69 लाख पेंशनर्स को भी मिलेगा। 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू होने की स्थिति में पेंशन भुगतान का गणित पूरी तरह बदल जाएगा। उदाहरण के लिए, जिस रिटायर्ड कर्मचारी को वर्तमान में 25,000 रुपये मंथली पेंशन मिल रही है, उसकी पेंशन बढ़कर सीधे 95,750 रुपये प्रति माह हो जाएगी।
5 FAQs (प्रश्न और उत्तर):
प्रश्न: 8वें वेतन आयोग की अगली बैठक कहां और कब आयोजित होगी?
उत्तर: 8वें वेतन आयोग की अगली बैठक चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर तक आयोजित की जाएगी।
प्रश्न: कर्मचारी संघों ने 8वें वेतन आयोग में किस फिटमेंट फैक्टर की मांग की है?
उत्तर: कर्मचारी और पेंशनर्स यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की मांग रखी है।
प्रश्न: 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर लेवल-1 कर्मचारियों की basic सैलरी कितनी होगी?
उत्तर: 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर लेवल-1 कर्मचारियों की न्यूनतम basic सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹68,940 (लगभग ₹69,000) हो जाएगी।
प्रश्न: 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट कब तक आने की संभावना है?
उत्तर: न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 में पेश किए जाने की संभावना है।
प्रश्न: इस फैसले से कितने कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा होगा?
उत्तर: इस निर्णय से लगभग 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को फायदा मिलेगा।



