विधानसभा अध्‍यक्ष के फैसले को रखा बरकरार

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा के अयोग्‍य विधायकों को Supreme Court ने बुधवार को बड़ी राहत दे दी है। कोर्ट ने कांग्रेस

और जद (एस) के 17 अयोग्य विधायकों की याचिकाओं पर फैसला सुनाया।

 

जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस संजीव खन्ना , और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि हम

विधायकों को अयोग्‍य ठहराने के तत्‍कालीन विधानसभा अध्‍यक्ष के फैसले को बरकरार रखते हैं लेकिन अयोग्‍य

विधायक चुनाव लड़ सकते हैं। विधायकों ने तत्कालीन विधानसभा स्पीकर के उन्हें अयोग्य ठहराने के फैसले को

चुनौती दी थी।

 

बता दें कि पिछले महीने में सर्वोच्‍च अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। कर्नाटक विधानसभा

के अध्यक्ष ने तत्कालीन मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के फ्लोर टेस्‍ट वाले प्रस्ताव पर 29 जुलाई को मतदान से

पहले 17 बागी विधायकों को छह साल के लिए अयोग्य करार दिया था।

 

ये बागी विधायक फ्लोर टेस्‍ट के दौरान गैरहाजिर रहे थे जिससे कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन वाली सरकार गिर

See also  देश को जल्द मिल सकता है नया संसद भवन, मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने पर होगा उद्घाटन!

गई थी। इसके बाद भाजपा को सत्ता में आने का रास्ता साफ हो गया था। इन विधायकों ने तत्‍कालीन विधानसभा

अध्‍यक्ष के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

 

15 विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव

उल्‍लेखनीय है कि कर्नाटक की 15 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। राज्‍य के मुख्‍य निर्वाचन

अधिकारी संजीव कुमार के मुताबिक, इन सीटों पर पांच दिसंबर को मतदान होगा जबकि मतों की ग‍िनती 9 दिसंबर को होगी।

 

निर्वाचन आयोग के फैसले के तहत राज्‍य में 11 नवंबर से आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। आयोग ने इससे

पहले 21 अक्टूबर को इन सीटों पर उपचुनाव कराने की घोषणा की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित रहने

की वजह से फैसले को टाल दिया था।

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।

See also  टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व डिप्‍टी सीएम लक्ष्‍मण सावदी ने छोड़ी भाजपा 

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।