दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सनसनीखेज जमीन घोटाला सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने भुइयां ऐप में पटवारी की आईडी हैक कर 765 एकड़ सरकारी और निजी जमीन की बंदरबांट की। मुरमुंदा पटवारी हल्का के चार गांवों—मुरमुंदा, अछोटी, चेटुवा और बोरसी में इस घोटाले को अंजाम दिया गया। भू-माफियाओं ने न केवल जमीनों को फर्जी तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज किया, बल्कि सरकारी जमीन को बैंक में गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का लोन भी हासिल कर लिया।

जिला प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पटवारियों—पाटन के मनोज नायक और मुरमुंदा के कृष्ण कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, 18 अन्य पटवारियों का दूसरे हल्कों में तबादला किया गया है।

जांच में पता चला कि मुरमुंदा हल्का क्रमांक 16 के पटवारी की आईडी हैक कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने बताया कि लगभग 765 एकड़ जमीन में हेराफेरी की गई, जिसे धारा 115/16 के तहत दर्ज कर सुधार लिया गया है।

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जमीन सिंडिकेट के तार रायपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा से जुड़े

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस जमीन सिंडिकेट के तार रायपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा समेत अन्य जिलों से जुड़े हैं। जिला प्रशासन ने मामले की जानकारी राज्य सरकार के भू-राजस्व अभिलेख शाखा के आयुक्त को दी, जिसके बाद विभाग ने गहन जांच शुरू की।

इस मामले में डिप्टी सीएम और जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, मीडिया के माध्यम से 765 एकड़ जमीन घोटाले की जानकारी मिली है। इतनी बड़ी हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे कोई भी सिंडिकेट हो, विष्णुदेव सरकार में सुशासन के साथ सुदर्शन भी है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।