आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी चला रही छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों का पोल खोल अभियान

रायपुर। प्रदेश काँग्रेस संगठन द्वारा आम आदमी पार्टी और दिल्ली की केजरीवाल सरकार को RSS का छोटा रीचार्ज़ बोलकर हल्की टिप्पणी करते हुए अपने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के स्तर को दिल्ली से भी बेहतर बताते हुए बोला गया कि सरकार प्रदेश में सभी वर्गों को उम्दा शिक्षा देने के लिए 171 आत्मानंद इंग्लिश मीडियम हाई स्कूँल खोलने की योजना बनाई है जिसके तहत 100 स्कूँल बन चुके है और 71 में काम चल रहा है.

साथ ही मुंगेली में निर्मित अपने इसी एक आत्मानंद स्कूँल का तश्वीर जारी करते हुए ट्विटर हैंडल से सोशल मीडिया में उक्त बातें आम आदमी पार्टी के संदर्भ में कही गई.

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कॉंग्रेस संगठन के उक्त टिप्पणी के जवाब में आमआदमी पार्टी प्रदेश संगठन ने निर्णय लिया कि पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश में सभी AAP पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी स्कूलों की हकीकत का आईना वीडियो अभियान चलाकर भूपेश सरकार को दिखाई जाये..जिसके तहत प्रदेश संगठन के सभी पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे प्रदेश में लगभग 300 बदहाल, खस्ताहाल स्कूल भवनों का वीडियो कैपेनिंग कर वर्तमान राज्य सरकार के साथ पिछली भाजपा और कॉंग्रेस सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के प्रति उनकी निकम्मेपन और उदासिनता की पोल खोलने का अभियान चलाया जा रहा है।

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प्रदेश अध्यक्ष AAP कोमल हुपेंडी और प्रदेश सह संयोजक सूरज उपाध्याय ने संयुक्त बयान जारी कर कॉंग्रेस-भाजपा दोनों पर संयुक्त आरोप लगाते हुए बोले.कि कॉंग्रेस हमारे नेता केजरीवाल को आरएसएस का छोटा रिचार्ज बोल रही है. भाजपा हमारी पार्टी को कॉंग्रेस की B टीम बोलती है. जिसपर AAP नेता द्वय ने कहा कि. भाजपा-कॉंग्रेस दोनों हमको सर्टिफिकेट देना बंद करें। सर्टिफिकेट देने का काम जनता जनार्दन पर छोड़ दें और जनता को तय करने दें कि आम आदमी पार्टी किस जनहित और बुनियादी सरोकार की राजनीति कर रही है.

हमारी पार्टी ने अपने अल्प कार्यकाल के ईमानदार प्रशासनिक व्यवस्था में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिस मिसाल को पेश किया है उसी तरह की मिसाल काँग्रेस-भाजपा अविभाजित मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों को मिलाकर विगत 70 वर्षो के कार्यकाल में क्यों नहीं पेश कर सके?

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आम आदमी पार्टी का भूपेश सरकार से निम्न सवाल है:-

1- प्रतिवर्ष के कुल बजट का कितना प्रतिशत सरकार शिक्षा पर खर्च करती है?

2- प्रदेश में कितने अंग्रेजी मीडियम आत्मानंद स्कूल तैयार हुए हैं?

3- 55000 सरकारी स्कूलों को सरकार ने भगवान भरोसे क्यों छोड़ा है?
4- रमन के कार्यकाल में जो 3600 स्कूल बंद हुए , उन्हें खोलने हेतु सरकार ने क्या प्रयास किया?
5- जिन स्कूलों को इग्लिश मीडियम स्कूलों में तब्दील किया है उन स्कूल के बच्चों को कहां शिफ्ट किया गया?

6- सरकार ने कहा था कि जिले के सभी ब्लॉक से बच्चों को इग्लिश मीडियम में लिया जाएगा लेकिन सिर्फ 3-4 किलोमीटर के ही बच्चों का दाखिला हुआ है,क्यों?

7.शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 979 स्कूल भवन विहीन हैं, यानी इनमें से अधिकांश स्कूल किसी झोपड़ी में, किसी बरामदे में या किसी पेड़ के नीचे लगते हैं।ये स्कूल कब बनेंगे?
8. राज्य के 18,147 स्कूलों में बाउंड्री वॉल ही नहीं है , इनकी सुध सरकार कब लेगी ?

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आज प्रेस वार्ता में कोमल हुपेंडी , सूरज उपाध्याय के साथ यूथ विंग के अध्यक्ष तेजेंद्र तोड़कर , रायपुर जिला अध्यक्ष कमल नायक, प्रदेश मीडिया प्रभारी जयंत गायधने, मीडिया कोऑर्डिनेटर नंदन सिंह, सह मीडिया प्रभारी अजीम खान भी थे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।