टीआरपी डेस्क। दो आड़ू (Peach) टोकरी, एक फुटबॉल की गेंद और सिर्फ दस नियम। इसी के साथ आज 15 जनवरी सन 1891 में ‘बास्केट बॉल’ का सफर शुरू हुआ। जिसके अविष्कारक डॉ. जेम्स नाइस्मिथ को आज गूगल ने एक डूडल के जरिए याद किया है।

बास्केटबॉल खेल की शुरुआत

जेम्स नाइस्मिथ ( James Naismith ) इस खेल के जरिये अश्वेतों और गोरों के बीच नस्लीय भेद को मिटाना चाहते थे। साथ ही छात्रों को मानसिक और शारीरिक रूप से बेहतर बनाना चाहते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में बास्केटबॉल को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश की। जिसे आज करीब 200 से अधिक देशों में खेला जाता है।

दो आड़ू टोकरी, एक फुटबॉल की गेंद और 10 नियम के साथ शुरू हुआ Basketball का सफर... Google ने डूडल बनाकर किया याद
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शुरआत में बास्केट बॉल खेल में फुटबॉल, अमेरिकी फुटबॉल, हॉकी, रग्बी के नियम शामिल थे। साल 1982 में स्प्रिंगफील्ड कॉलेज के स्कूल अखबार ‘द ट्राइंगल’ में उनके खेल के नियमों की घोषणा की गयी। नाइस्मिथ का यह गेम 1936 में बर्लिन ओलंपिक का हिस्सा बना। खेल के संस्थापक, जेम्स नाइस्मिथ ने गेम का उद्घाटन करने के लिए गेंद को टिप-ऑफ के लिए फेंक दिया।

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नाइस्मिथ ने लिखी ओरिजनल बास्केटबॉल रूल बुक

जेम्स नाइस्मिथ का जन्म 6 नवंबर 1861 को कनाडा के ओन्टारियो के अलमोंटे शहर में हुआ था।
उन्होंने मैकगिल विश्वविद्यालय से Physical education में Bachelor’s degree किया।
1890 में मैसाचुसेट्स के स्प्रिंगफील्ड में आईएमसीए इंटरनेशनल ट्रेनिंग कॉलेज में ट्रेनर थे।
जहां जेम्स नाइस्मिथ को एक इनडोर गेम विकसित करने का काम सौंपा गया। जिसे स्टूडेंट्स सर्दियों के महीनों में खेल सके। इसके बाद उन्होंने बास्केटबॉल गेम का आविष्कार किया।
डॉ. जेम्स नाइस्मिथ ने ओरिजनल बास्केटबॉल रूल बुक लिखी थी।
28 नवंबर 1939 को 78 वर्ष की आयु में ब्रेन हैमरेज के कारण जेम्स नाइस्मिथ का मौत हो गयी।

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15 जनवरी सन 1891 में साल 1982 में उ

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।