चिटफंड कंपनी
चार साल से फरार छत्तीसगढ़ की चिटफंड कंपनी का डायरेक्टर मध्यप्रदेश से गिरफ्तार

बालोद। बालोद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने जिले में 3 हजार 458 लोगों से 14 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने वाले चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। बालोद पुलिस ने आरोपी को बड़वानी मध्यप्रदेश से पकड़ा है। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी पिछले चार सालों से फरार चल रहा था।

बालोद पुलिस के मुताबिक, बी.एन.गोल्ड रियल इस्टेट एण्ड एलाइड लिमिटेड और बी.एन.जी. ग्लोबल कंपनी के आरोपी डायरेक्टर गुरुविंदर सिंह संधु (42 वर्ष) और अन्य डायरेक्टरों ने जिले के लोगों को कम्पनी में रुपए जमा करने के बदले अधिक ब्याज और दोगुनी रकम देने का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था।

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साल 2017 में मैच्युरिटी पूरी होने के बाद निवेशक रुपए वापस देने की जगह कंपनी बंद कर फरार हो गए। आरोपी ने बालोद जिले में लोगों को झांसे में लेकर कुल 14 करोड़ से अधिक की राशि ठग ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया है।

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जानिए कब हुई थी शिकायत

एडिशनल एस.पी डी.आर पोर्ते ने बताया कि प्रार्थी मोहन लाल साहू जो भेड़िया नवागांव का रहने वाले और कंपनी का एजेंट था। उसने 12 लोगों से कुल 12 लाख 50 हजार रुपए जमा करवाए थे। साल 2017 में मेच्युरिटी पूरी होने के बाद जमा किए गए रुपए नहीं देकर कंपनी के अधिकारी ताला बंद कर भाग गए थे। इसके बाद कंपनी के आरोपी डायरेक्टर गुरुविंदर सिंह संधु और अन्य डायरेक्टरों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला बालोद कोतवाली में दर्ज हुआ था।

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जानिए कहाँ-कहाँ है आरोपी की संपत्ति

आरोपी गुरुविंदर सिंह संधु ने पूछताछ में बताया कि कंपनी द्वारा बालोद के 3 हजार 458 निवेशकों से कुल 14 करोड़ 26 लाख 56 हजार 728 रुपए की धोखाधड़ी की गई। आरोपी डायरेक्टर और कंपनी की छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब,मध्यप्रदेश, राजस्थान में जमीनें है। डायरेक्टर और कंपनी की चल-अचल संपत्ति की जानकारी लेकर कुर्की की कार्रवाई कर निवेशकों को पैसे वापस करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

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संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई

कंपनी की धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए एस.पी बालोद जितेन्द्र सिंह मीणा के निर्देश के बाद आरोपी की तलाश की जा रही थी। कंपनी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर, कोरबा, बेमेतरा, मुंगेली, कांकेर, महासमुंद जिला में भी अपराध पंजीबद्ध है। साथ ही पंजाब, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के कई जिलों में इस कंपनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज है।

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दो आरोपी पहले हो चुके है गिरफ्तार

इस मामले में इस चिटफंड कंपनी के आरोपी संजय नंदवार (33 वर्ष) निवासी लोधीखेड़ा, जिला छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) व सचिन दामोर (33 वर्ष) साकिन इंद्रपुरी नांदला (मध्य प्रदेश) को साल 2018 में पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।