टीआरपी डेस्क। प्रदेश सरकार ने कोरोना को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। नए नियमों के मुताबिक अब कोविड मरीजों को कोविड केयर सेंटर में ही रहना होगा यानी की होम आइसोलेशन की सुविधा को अब नए मरीजों के लिए खत्म कर दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की वजह से कई जगह पर कोरोना का प्रसार हो रहा था।

महाराष्ट्र के उन 18 जिलों में इस नियम को लागू किया गया है, जहां पॉजिटिविटी दर 10 फीसदी या उससे अधिक है। इन जिलों में कोल्हापुर, सांगली, सातारा, यवतमाल, अमरावती, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सोलापुर, अकोला, बुलढाणा, वाशीम, बीड, गढ़चिरौली, अहमदनगर, उस्मानाबाद को शामिल किया गया है।

सावधानियां बरतना जरूरी

हालांकि, बीएमसी ने अभी होम आइसोलेशन को इजाजत दी हुई है। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि भले ही अभी कोरोना के मामले कम हो रहे हों लेकिन सावधानियां बरतना जरूरी है। कई बार ऐसी शिकायतें मिली कि होम आइसोलेशन का पालन ठीक तरीके से नहीं किया गया, जिसकी वजह से मरीज के साथ-साथ घर के दूसरे लोग भी कोरोना संक्रमित हुए।

होम आइसोलेशन की सुविधा बंद

अब बाकी लोगों को बचाने के लिए कोविड केयर सेंटर में मरीजों को रखने का फैसला किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने साफ कहा कि अब हर उम्र के लोगों के लिए होम आइसोलेशन की सुविधा बंद कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोेपे ने कहा कि जो लोग पहले होम आइसोलेशन में हैं, उन्हें निकलने की जरूरत नहीं है लेकिन जो अब नए मामले सामने आएंगे, उन्हें कोविड केयर सेंटर में रहना होगा। बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना का ग्राफ लगातार गिर रहा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।