नई दिल्ली। भारत में अशांति फैलाने के लिए हमेशा नकारात्मक सोच रखने वाले पड़ोसी देश पाकिस्तान के खिलाफ भारत सरकार की ओर अब तक सर्जिकल स्ट्राइक सहित कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।  इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार अपने नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

भारत में पाकिस्तान की शहबाज सरकार के खिलाफ आज फिर बड़ी डिजिटल स्ट्राइक हुई है। हाल ही में पीएफआई पर पांच साल के बैन के विरोध में पाकिस्तानी दूतावास की तरफ से ट्वीट किया गया था। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के कनाडा में स्थित दूतावास ने इस कार्रवाई पर भारत का विरोध किया और पीएफआई के समर्थन में बातें कही थी। माना जा रहा है कि इस वजह से भारत में पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट बैन किया गया है। हालांकि अभी ट्विटर के ऑफिशियल स्टेटमेंट का इंतजार है।


प्रतिबंधित पीएफआई के समर्थन में किया था ट्वीट
दरअसल, सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के कनाडा में स्थित दूतावास के एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट, जो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के समर्थन में था, खूब वायरल हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान महावाणिज्य दूतावास वैंकूवर के आधिकारिक हैंडल ने प्रतिबंधित पीएफआई के समर्थन में ट्वीट किया था। यही नहीं आपत्तिजनक ट्वीट के साथ इसमें पाकिस्तान विदेश मंत्रालय और पाक सरकार को टैग भी किया गया। सोशल मीडिया पर इस ट्वीट के खिलाफ लोगों ने काफी गुस्सा निकाला। यह पोस्ट काफी वायरल भी हुई।

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वायरल स्क्रीनशॉट में ट्वीट किया गया था कि भाजपा शासित राज्यों में हिरासत के नाम पर बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हो रही हैं। यह और कुछ नहीं बल्कि पीएफआई को निशाना बनाने वाली केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा लोकतांत्रिक मू्ल्यों का हनन है। इस निरंकुश व्यवस्था के तहत इस तरह की कार्रवाई अपेक्षित थी।


55 यूट्यूब चैनलों और दो वेबसाइट पर भी लगा था प्रतिबंध
बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि जब पाकिस्तान पर भारत ने डिजिटल स्ट्राइक की हो। इससे पहले भी देश विरोधी कंटेट वाले 55 यूट्यूब चैनलों और दो वेबसाइट को मोदी सरकार ने बैन कर दिया था। भारत पाकिस्तान पर इस तरह की कार्रवाई जनवरी 2022 और दिसंबर 2021 में कर चुका है।


कई बार लताड़ चुका है भारत
हाल ही में बाइडेन प्रशासन ने एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के मेंटनेंस पैकेज को मंजूरी दी थी। इस पर भारत ने बड़ी आपत्ति जताई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पाकिस्तान को सहायता दिए जाने का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान इस तरह के मेंटेनेंस पैकेज का इस्तेमाल भारत में आतंकवाद में करता रहा है। जयशंकर ने कहा था कि पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कहां और किसके खिलाफ करता है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।