कोरोना की वजह से दो नक्सलियों ने हथियार छोड़ आम जिंदगी बिताने का लिया फैसला
कोरोना की वजह से दो नक्सलियों ने हथियार छोड़ आम जिंदगी बिताने का लिया फैसला

टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कोरोना की वजह से दो नक्सलियों ने हथियार छोड़कर आम जिंदगी बिताने का फैसला किया। ये दोनों बीमार थे, जांच करने पर कोविड संक्रमित पाए गए। अब इन नक्सल पति-पत्नी का इलाज पुलिस के जरिए सरकार करवा रही है।

जंगल से खुद को बचाकर पहुंचे BSF कैम्प

कोरोना की वजह से नक्सलियों की हालत पस्त है। अर्जुन और लक्ष्मी की तबीयत भी कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। दोनों ने पुलिस की मदद से इलाज करवाने की ठानी और सरेंडर करने का फैसला लिया। ये बात अगर इनके कमांडर को पता चलती तो शायद इनकी जान को भी खतरा हो सकता था। इसलिए छिपते हुए ये नक्सलियों का साथ छोड़कर निकल पड़े।

जंगल से होते हुए 12 मई को कांकेर के कामतेड़ा BSF कैम्प पहुंचे। दोनों ने फोर्स के जवानों को अपना परिचय दिया। दोनों ने बताया कि हम आलदण्ड थाना छोटेबेठिया जिला उत्तर बस्तर कांकेर के रहने वाले हैं, हमारी तबीयत ठीक नहीं हैं। दोनों को फौरन पुलिस की टीम कांकेर अस्पताल लेकर आई, यहां जांच में पता चला कि दोनों कोविड पॉजिटिव हैं। फिलहाल दोनों का इलाज करवाया जा रहा है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।