भुवनेश्वर। ओडिशा के संबलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने वाले आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को चुनाव आयोग ने बुधवार को निलंबित कर दिया। इसके पीछे निर्वाचन आयोग ने तर्क दिया कि जिन्हें एसपीजी की सुरक्षा प्राप्त होती है उनकी तलाशी नहीं ली जाती। उससे पहले कर्नाटक दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर से एक काले रंग का बॉक्स उतारा गया था। उसके बाद आईएएस अफसर ने ये कार्रवाई की। 1996 बैच के आईएएस अधिकारी मोहसिन संबलपुर लोकसभा क्षेत्र में सामान्य आॅब्जर्वर के तौर पर तैनात थे।

कौन हैं मोहम्मद मोहसिन:


बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले साल 1969 में जन्मे मोहम्मद मोहसिन कर्नाटक सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पद पर सचिव हैं। मोहसिन कर्नाटक कैडर से आईएएस बने हैं। मोहसिन ने पटना यूनिवर्सिटी से एम कॉम की पढ़ाई की है।
साल 1994 में मोहसिन ने दिल्ली आकर यूपीएससी सिविल सर्विसेज की पढ़ाई शुरू की। अपने पहले प्रयास में वह सिविल सर्विसेज प्री परीक्षा में पास नहीं हो पाए. लेकिन अपने अगले प्रयास में वह सफल हुए। तब भी नंबर कम होने की वजह से वह आईएएस नहीं बन सके।

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कई विभागों में रह चुके हैं अधिकारी :


इसके बाद मोहसिन ने फिर तैयारी की और आखिरकार 1996 बैच से वह आईएएस अधिकारी बनने में वह सफल हुए। मोहसिन ने उर्दू स्टडीज के साथ अपनी पढ़ाई की थी। सोशल मीडिया पर लिखी जानकारी की मानें तो वह कर्नाटक सरकार के शिक्षा विभाग और अन्य कई विभागों में अधिकारी पद पर रह चुके हैं। मोहसिन कर्नाटक में कई प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। शुरुआत में उन्होंने एसडीएम के पद पर काम किया और उसके बाद उन्होंने जिला पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में डिप्टी कमिश्नर आदि पदों पर काम किया।

क्यों किए गए निलंबित :


दरअसल चुनाव आयोग ने मोहसिन को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया है। निलंबन आदेश में कहा गया है कि अधिकारी ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों के लिए तय निर्देशों का पालन नहीं किया। दरअसल, पीएम मोदी मंगलवार को संबलपुर में एक चुनावी रैली के लिए पहुंचे थे। उस वक्त चुनाव आयोग के एक उड़नदस्ते ने उनकी तलाशी ली।
इसके बाद जब हो हल्ला मचा तब आनन-फानन में निर्वाचन आयोग ने ये कार्रवाई की।

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