एनएमडीसी के अधिकारियों ने आदिवासियों ट्रकों से गांवों तक छोड़ा

दंतेवाड़ा। हिरौली की 13 नंबर खदान का विरोध कर रहे आदिवासियों ने आज अपना धरना समाप्त कर दिया। भीषण गर्मी में आदिवासियों को परेशानी न हो इसके लिए एनएमडीसी के अधिकारियों ने उनके गांवों तक ट्रकों के माध्यम से छोड़ने की व्यवस्था की।

तो वहीं संयंत्र के कर्मचारियों की ओर से आदिवासियों को पेयजल और स्वल्पाहार जैसी चीजों की भी व्यवस्था की गई। इसकी आदिवासियों ने भी जमकर तारीफ की।

15 दिनों का अल्टीमेटम:

आदिवासियों के नेताओं ने कहा है कि अगर 15 दिनों के अंदर प्रशासन पिछली ग्राम सभा के आदेश की जांच नहीं करवाती। तो फिर से अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया जाएगा। चाहे बारिश हो या तूफान कोई भी इसमें आड़े नहीं आएगा।

दंडाधिकारी दंतेवाड़ा ने कल ही नोटिस जारी कर बुधवार की रात 12 बजे तक की मोहलत आंदोलन करने वालों को दी थी। इसके बाद सुबह पंचों-सरपंचों की आपस में बैठक हुई। इसमें सर्व सम्मति से ये निर्णय लिया गया कि सरकार को 15 दिनों की मोहलत दी जाए। इसके बाद फिर धरने की समाप्ति का ऐलान कर दिया गया।

परिवहन की थी समस्या:

दूर-दराज के इलाकों से पैदल आए आदिवासियों को उनके घरों तक पहुंचाना एक चुनौती थी। ऐसे में संयंत्र के प्रशासन ने कुछ ट्रकों की व्यवस्था की, जिससे इस भीषण गर्मी में आदिवासियों को कोई तकलीफ न हो।

 

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