रायपुर। मछुआ महासंघ नेे गंगरेल डैम के टेंडर को अधिकारियों के द्वारा निजी कंपनी को दिए जाने का विरोध किया है। इसके विरोध में मंगलवार को संघ ने राजधानी स्थित दफ्तर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। राजातालाब स्थित मछली पालन विभाग के दफ्तर में हजारों की संख्या में पहुंचे मछुआरों ने विभाग के गेट के सामने बैठकर टेंडर के विरोध में नारे बाजी की।

प्रदेश भर से आये 52 गांव के मछुआ समिति के लोगों का कहना गंगरेल डैम ही उनके जीविका का एकमात्र साधन है। वो इस डैम से मछली पकड़कर उससे अपना और अपने पूरे परिवार को पालते हैं। पर अब कुछ अधिकारियों के द्वार डैम को निजी कंपनियों को दिया जा रहा है। इस टेंडर की वजह वहां से आश्रित 700 से एक हजार मछुआ परिवार पर रोजी रोटी का संकट आ खड़ा हो जायेगा। जो गंगरैल डैम पर ही निर्भर हैं।

अगर यह टेंडर निजी कंपनियों को दे दिया जाएगा तो उनके बच्चे और वें खुद रोड पर आ जाएंगे। इसी बात को लेकर आज मछुआ संघ के लोगों ने अपने परिवार वालों के साथ राजातालाब स्थित मछली पालन के ऑफिस का घेराव किया गया। प्रदर्शन के बाद मछली पालन विभाग के अध्यक्ष ने उनसे मिलकर ये टेंडर निरस्त करने की बात कही है। अगर इसका टेंडर किसी निजी कंपनी को दिया जाता है तो उनकी रोजी-रोटी बंद हो जाएगी।

See also  छत्तीसगढ़ में AAP का मिशन 2023, सांसद बनने के बाद पहली बार आएंगे डॉ.संदीप त्रिपाठी, रोड शो और सभा के जरिए करेंगे शक्ति प्रदर्शन