छत्तीसगढ़ की बेटियां: दुनिया ने देखा दामिनी का दम और याशी का यश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेटियों ने अब दुनिया में अपना दम (power) दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के योग की ब्रांड एंबेसडर दामिनी साहू(Damini Sahu) ने बुल्गारिया में हुए वर्ल्ड योग फेटिसवल में 2 सिल्वर मेडल हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया। तो कुछ दिनों पहले ही रायगढ़ की याशी जैन(Yashi Jain) ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रूस पर तिरंगा फहराया। दोनों ही बेटियों पर प्रदेश को नाज है। याशी ने 5 हजार 6 सौ 42 मीटर ऊंची चढ़ाई महज 5 दिनों में पूरी (complete)कर ली थी। तो वहीं दामिनी के साथ प्रदेश के 3 खिलाड़ी इस स्पर्धा में शामिल हुए थे। उसके साथ कोच संतोष आनंद राजपूत भी गए थे। तीनों ही खिलाड़ियों ने अलग-अलग श्रेणी में सिल्वर मेडल हासिल किया।
दामिनी के पिता मेले मड़ई में बेचते हैं गुब्बारे:
दामिनी ने बताया कि उसके पिता परदेशीराम साहू एक हाथ से दिव्यांग (handicapped)हैं। इसके बाद भी वे गोदी-मजदूरी और मेले-मड़ई में गुब्बारा बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। बावजूद इसके उन्होंने अपनी बेटी को गरीबी और तंगहाली के बावजूद शिक्षा दिलाई, जिससे वह इस काबिल बन सकीं की उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिवार के साथ देश का नाम रोशन किया।
धमतरी जिले के कुरुद विकासखण्ड के दर्रा गांव की रहने वाली दामिनी बेहद गरीब परिवार से है। और उनके पिता परदेसी राम साहू पेशे से मजदूर हैं। 21 साल की दामिनी 11 साल की उम्र से योगा कर रही हैं। गांव के मिडिल स्कूल में क्रीड़ा शिक्षक से प्रेरित होकर दामिनी ने अपने इस अभ्यास को निरंतर जारी रखा। अभी दामनी प्रदेश में योग की ब्रांड एम्बेसडर हैं। तो वहीं याशी जैन ने दुनिया की 7 ऊंची चोटियों पर चढ़ने का संकल्प लिया है।

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