रायपुर। भारी बारिश (Heavy rain) से बस्तर(Bastar) की जनता हलाकान हो रही है। दर्जन भर नदियां और नाले उफान पर आकर तूफान मचाए हुए हैं। चारों ओर बाढ़ का पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।  बाढ़ का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर आ पहुंचा है। इससे वहां नाव (boat)चलने की नौबत आ गई है। रविवार से मंगलवार तक भारी बारिश(heavy rain) की चेतावनी मौसम विज्ञानियों ने दी है। उनका कहना है कि इस वक्त राज्य में एक तगड़ा सिस्टम (strong system) मौजूद है। इससे दक्षिण बस्तर(south Bastar) में भारी बारिश हो सकती है।

शुक्रवार को हुई थी 8.26 इंच बारिश:
इससे पहले दक्षिण बस्तर के बीजापुर, कोंटा, उसूर क्षेत्र में अतिभारी बारिश हुई। बीजापुर में सबसे ज्यादा 210 मिमी (8.26 इंच) बारिश हो गई। कोंटा में 165 और उसूर में 109 मिमी बारिश हुई। कुछ अन्य जगह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में रविवार को एक बार फिर भारी बारिश की स्थिति बन रही है।

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रविवार को रहें सावधान, होगी जोरदार बारिश:
इसके अगले दो-तीन दिन जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त से छत्तीसगढ़ के करीब एक बड़ा सिस्टम बन रहा है। इसके प्रभाव से समुद्र से बड़ी मात्रा में नमी आएगी और मानसूनी हवा से प्रदेश में बारिश होगी। हालांकि शनिवार को भी राज्य में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

Flud in South Bastar area
Flud in South Bastar area


तेलंगाना -महाराष्ट्र  से कट गया बस्तर:
बीजापुर जिले का तेलंगाना और महाराष्ट्र से संपर्क कट गया है। जिले में बहने वाली इंद्रावती नदी, तालपेरू, मिंगाचल सहित दो दर्जन से ज्यादा नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण चेरपाल, गंगालूर, तारलागुड़ा, तोयनार सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। इसके अलावा अंदरूनी इलाकों के दर्जनों गांव टापू बन गए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इधर, बताया जाता है कि मिंगाचल नदी में रेत भरने पहुंचे एक वाहन डूब गया। वहीं नैमेड़ स्थित दुर्गा मंदिर के पास तेंदू का पेड़ गिर गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।

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