रायपुर। इंदौर हनीट्रेप (Honeytrap) मामले में सियासत और ब्यूरोक्रेसी में झटके लग रहे है। लोग चटखारे के साथ चर्चा भी कर रहे हैं कि कौन-कौन मंत्री और आईएएस (IAS) हमाम में नंगे हो सकते है? वहीं इस मामले में कानून के जानकारों की माने तो हनीट्रेप (Honeytrap) में जुड़े पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री आईएएस के नाम से सनसनी तो मच सकती है और लोग कयास भी लगा सकते हैं कि कौन मंत्री और अधिकारी हनीट्रैप (Honeytrap) मामले में फंसे हो सकते हैं। लेकिन जांच के बाद चार्जशीट में ट्रेप हुए इन मंत्रियों और अधिकारियों का नाम लाना पुलिस के लिए आसान नहीं होगा।

चार्जशीट में नाम तभी आ सकता है जब ट्रेप हुआ व्यक्ति स्वीकार करें की उसे ब्लैकमेल (Blackmail) किया गया है, लेकिन ऐसा होना मुश्किल है। क्योंकि कोई भी राजनैतिक व्यक्ति और बड़ा अधिकारी इस बात को स्वीकार नहीं करेगा कि उन्हें गिरफ्तार महिलाओं ने ब्लैकमेल (Blackmail) किया है। इसकी वजह ये है कि ऐसा करने से उनकी सामाजिक और पारिवारिक छवि ख़राब होगी। कानून ये कहता है कि दो व्यस्क महिला-पुरुष के रजामंदी से शारिरिक संबंध बनाना किसी भी अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। ऐसे में नाम उजागर करना निजता के कानून का उल्लंघन होगा और पीड़ित व्यक्ति न्यायालय की शरण में जाकर मानहानि का मुकदमा भी कर सकता है।

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दो  वयस्क व्यक्तियों की रजामंदी से संबंध बनाना कानून की दृष्टि में अपराध नहीं: पूर्व महाधिवक्ता कनक तिवारी

इस मामले पर द रूरल प्रेस (The rural press) की टीम ने पूर्व महाधिवक्ता कनक तिवारी (Kanak Tiwari) से बात की और उनसे जाना कि हनीट्रैप मामले से जुड़े हुए रसूखदार लोगों के नाम उजागर करना पुलिस के लिए आसान होगा? इस सवाल पर कनक तिवारी का कहना है कि दो वयस्क व्यक्तियों की रजामंदी से संबंध बनाना कानून की दृष्टि में अपराध नहीं है। जब तक अन्य किस्म का अपराध इससे ना जुड़े, तब तक उन नामों का पुलिस डायरी में उल्लेख करना निजता के कानून का उल्लंघन होगा। पुलिस उनके नामों को उजागर नहीं कर सकती है, जिन्हें चार्जशीट में शामिल नहीं किया जा सकता है।

क्या है हनीट्रेप मामला

इंदौर नगर निगम के एक आधिकारी की शिकायत पर पुलिस हनीट्रैप मामले की मास्टर माईंड समेत 5 महिलाएं गिरफ्तार हो चुकी है, जिनसे पूछताछ के बाद पुलिस सूत्र के हवाले से खबर आई की मध्यप्रदेश के दो पूर्व सीएम ,दर्जनभर अधिकारी, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और कुछ बड़े पत्रकार भी शामिल हैं। जांच का दायरा आगे बढ़ा तो छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्रियों, आईएएस अधिकारी को लेकर भी चर्चा तेज हो चुकी है।

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