रायपुर। सीएम हाउस में आज भूपेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में धान खरीदी,

नगरीय निकाय चुनाव सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए गए।

 

भूपेश कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि एम्स को रिसर्च सेंटर के लिए निःशुल्क भूमि मिलेगी।साथ ही स्वास्थ्य

योजनाओं का नाम अब डॉ. खूबचंद बघेल के नाम पर होगा। इसके अलावा जंगल सफारी का प्रवेश राशि को आधा

किया जायेगा।

जानें इन अहम फैसलों के बारे में

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के सभी नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा प्रदान करने हेतु नई स्वास्थ्य

योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया। (अब ट्रस्ट मोड पर कार्य किया जाएगा )

 

1. डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में राज्य में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाली समस्त योजनाएं आयुष्मान

भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, संजीवनी सहायता कोष, मुख्यमंत्री बाल हृदय

सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) योजना इस नई योजना में समाविष्ट

हो जाएंगी।

 

इस नई योजना में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल परिवार के साथ ही सभी प्राथमिकता एवं

See also  LPG Crisis India: 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू, सरकार बोली- घबराकर बुकिंग न करें

अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों को 5 लाख रूपए तक स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी एवं अन्य राशन कार्डधारी परिवारों

को 50 हजार रूपए तक इलाज की सुविधा मिलेगी।

 

2. मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना:- वे बीमारियां जो योजनांतर्गत शामिल नही है या हितग्राही का नाम सूची

में नही है या नई योजना अंतर्गत बीमा कवर राशि इलाज हेतु पर्याप्त नही है, उन परिवारों के लिए वर्तमान में लागू

संजीवनी सहायता कोष का विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू करने का निर्णय लिया

गया। इसमें मुख्यमंत्री के अनुमोदन से प्रति परिवार 5 लाख रूपए से अधिकतम 20 लाख रूपए तक के इलाज की

सुविधा प्रदान की जाएगी।

 

– डाॅ. नरेन्द्र वर्मा द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ी गीत- ‘‘अरपा पइरी के धार महानदी हे अपार‘‘……को राज्य-गीत घोषित

करने का अनुमोदन किया गया।

 

– छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के स्वावित्तीय, भाड़ाक्रय आवासीय योजनाओं के भवनों की बकाया राशि पर भारित

पंूजीगत ब्याज और दाण्डिक ब्याज में छूट एवं विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्मित अविक्रित आवासीय एवं

See also  एमपी-छत्तीसगढ़ में गिरे पेट्रोल-डीजल के दाम

व्यावसायिक भवनों के मूल्यों में छूट की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत अविक्रित आवासीय

एवं व्यावसायिक संपदा के निर्माण दिनांक से वर्तमान रिक्त अवधि के आधार पर भवनों के मूल्यों में 15 से 20

प्रतिशत तक कमी का निर्णय लिया गया।

 

इसी तरह स्ववित्तीय योजना के तहत विलंबित अवधि की राशि एकमुश्त जमा करने पर ब्याज में छूट एवं भाड़ा क्रय

योजना के तहत लंबित राशि एकमुश्त जमा करने पर दण्ड ब्याज में छूट प्रदान करने के निर्णय का अनुमोदन

किया गया।

 

– खनन प्रभावित लोगों के लिए आवास, दैनिक उपयोग के लिए आवश्यक सामग्री तथा महिलाओं एवं बच्चों के लिए

वस्त्र आदि की उपलब्धता के लिए छत्तीसगढ़ जिला खनिज न्यास नियम-2015 में नया सेक्टर प्रारंभ करने का

निर्णय लिया गया। इसमें अन्य प्राथमिकता के क्षेत्र अंतर्गत प्राप्त होने वाली राशि में से 5 प्रतिशत अधिकतम राशि

का उपयोग उपरोक्त कार्यो के लिए किया जा सकेगा।

 

– अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर (एम्स) को नवा रायपुर, अटल नगर में निःशुल्क भूमि आबंटन का

See also  मुख्यमंत्री का बड़ा बयान, बोले "आप उनके खिलाफ बोलना बंद कर दें कोई केस दर्ज नहीं होगा"

निर्णय लिया गया। नया रायपुर डेव्लपमेंट अथाॅरिटी (एनआरडीए) द्वारा सेक्टर-40 में आबंटित भूमि के संबंध में

एम्स रायपुर से किए जाने वाले एम.ओ.यू. प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

 

-छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के पास उपलब्ध चावल का निराकरण राज्य और केन्द्र शासन द्वारा

संचालित विभाग और संस्थाओं की विभिन्न योजनाओं में उपयोग करने का निर्णय लिया गया।

 

– छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण निधि नियम-2012 में आवश्यक संशोधन

का अनुमोदन किया गया। इसमें नए कार्यो – जेम एण्ड ज्वेलरी पार्क रायपुर शहर में स्थापित करने का निर्णय

लिया गया।

 

– नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर में प्रचलित प्रवेश शुल्क को आधा करने का निर्णय लिया गया। 12 वर्ष से

कम और दिव्यांग लोगों के लिए निःशुल्क रहेगा।

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।