रायपुर। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को बजट पेश किया गया। बजट को लेकर राजधानी में विविध प्रतिक्रियाएं सामने आई। जहां प्रदेश के अर्थशास्त्री बजट से निराश हैं तो वहीं आम लोगों ने इस बजट का स्वागत भी किया है।

व्यापार होगा मुश्किल

टैक्स में मिली छूट से कितना फायदा है और कितना नुकसान यह कहना काफी मुश्किल है। कम स्लैब में इनकम टैक्स पेयर को टैक्स में छूट नहीं मिलेगी। बजट 2020 में उद्योगों की ऑडिट के लिए टर्नओवर की सीमा 5 गुना बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव दिया गया है।

फिलहाल यह सीमा 1 करोड़ रुपए है। नगद वाली अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से यह बढ़ाई गई सीमा केवल उन्हीं उद्यमों पर लागू होगी, जिनके कारोबार में नगद लेनदेन की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से कम है। ऐसी स्थिति में प्रदेश ही नहीं देश में भी व्यापारियों के लिए व्यापार करना मुश्किल होगा।

अभिषेक पुर्थी, सीए

बजट में कुछ खास नहीं

मध्यम वर्ग व सैलरी क्लास के लोगों के लिए आयकर में छूट दी गई है। लगातार गिर रही अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने थे। जो पूरे नहीं हुए है। वैश्विक बाजार को देखते हुए बजट में ऐसा कुछ खास नहीं किया गया है जो देश की गिर रही अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे सके।

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राहुल खंडेलवाल, सीए

बजट से छात्रों को मिलेगा लाभ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का बजट 2020 पेश करते हुए घोषणा की है कि सत्र 2020-21 में शिक्षा के क्षेत्र में करीब 99,300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इस बजट में देश में दो नए विश्वविद्यालयों का प्रस्ताव किया गया है।

ये होंगे – राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय। पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोले जाने का प्रस्ताव किया गया है। शिक्षा के लिए एफडीआई की बात कही गई है।

डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए 2021 तक नए संस्थान खोले जाने की घोषणा की गई है। वंचित वर्ग के लिए डिग्री स्तर के ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत करने की घोषणा की गई है। इससे छात्रों को काफी लाभ मिलेगा।

अभिनय सिंह, एमडी, ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल

करदाताओं को राहत

बजट 2020-21 ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है। वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए टैक्स स्लैब में बदलाव किए हैं। नई कर व्यवस्था में 2.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

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2.5 लाख से 5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। 5 से 7.5 लाख तक आय पर 10 फीसदी का टैक्स लगेगा। पहले 10 फीसदी का स्लैब नहीं था। 7.5 लाख से 10 लाख की आय पर 15 फीसदी टैक्स होगा।

10 लाख से 12.5 लाख की आय पर 20 फीसदी टैक्स होगा। नई टैक्स व्यवस्था के तहत इसमें कोई डिडक्शन शामिल नहीं होगा, जो डिडक्शन लेना चाहते हैं वो पुरानी दरों से टैक्स दे सकते हैं। यानी कि टैक्सपेयर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होगी।

मीनाक्षी टूटेजा, ब्यूटी एक्सपर्ट व होम मेकर

आम लोगों के लिए खास है बजट

बजट 2020 आम लोगों के लिए खास है और खास लोगों के लिए आम है। मध्यम वर्ग के लोगों को इस टैक्स से राहत मिली है। आज पेश हुए बजट से भविष्य में अच्छे परिणाम दिखाई देंगे।

फिजी ग्वालरे, वरिष्ठ अधिवक्ता

बेरोजगारी की समस्या का जिक्र नहीं

5 ट्रीलीयन की अर्थव्यवस्था वाली अवधारणा का इस बजट में अता-पता नहीं है। सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी को दूर करने के लिए निजी निवेश व प्रोत्साहन का जिक्र इस बजट में नहीं किया गया। सबसे भरोसेमंद बीमा कंपनी जिसके पैसों का उपयोग देश में संकटकाल में हो सकता है उसका एक तिहाई हिस्से को बेचने का निर्णय दुर्भाग्य पूर्ण है।

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संदीप शर्मा, पूर्व डीजीएम, भूषण स्टील

 

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