संदीप शर्मा

प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश से 5 अप्रैल को रात 9:00 बजे 9 मिनटों के लिए दीया, टार्च, मोबाइल का फ्लैश लाइट जलाने की अपील जनता से की है।
उनकी इस अपील का लोग अपने.अपने मायने निकाल रहे हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया भी आने लगी है।

जहां ज्योतिष विज्ञान के लोगों ने 5 अंक का स्वामी बुध ग्रह का होना बताया फेफड़ों गला और मुख्य संबंध से जोड़कर देखा, अंक ज्योतिष के विशेषज्ञों ने 5 और चार का जोड़ना बताकर 9 को एक शुभांक बताया। वही धर्मशास्त्रियों ने रविवार का दिन और सूर्य की कृपा को इस अपील का आधार बताया। दर्शनशास्त्रियों ने सामूहिक रूप से की गई प्रार्थना के परिणाम की व्याख्या की, वही समाज शास्त्रियों ने करोना के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में एकजुटता और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए की गई इसे अपील बताया।

वैज्ञानिकों ने इस अपील के पीछे वैज्ञानिक कारण गिनाए। वैज्ञानिकों ने इसे भौतिक के क्वांटम सिद्धांत से जोड़कर देखा और इसे एक सार्थक और महत्वपूर्ण कदम बताया। कुछ बुद्धिजीवियों ने दीए और टार्च को लेकर की गई अपील को भविष्य के रणनीति के लिए का आधार बताया।

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कुछ विशेषज्ञों का मानना है की अपील पूर्व में की गई अपील की तरह एक मार्क ड्रिल है, एंव इसके उपरांत आने वाले दिनों में कुछ नया निर्णय जनहित में लिए जा सकते हैं।
कारण जो भी हो ऐसा कोई भी कार्य जिसके सकारात्मक प्रभाव होने की संभावना हो अवश्य किया जाना चाहिए। मामले में चुने हुए सर्वोच्च प्रतिनिधि की अपील का अनुसरण अवश्य होना चाहिए, ऐसे समय में जब देश एक बड़ी विपदा से जूझ रहा हो सत्ता दल एवं विपक्ष दोनों को राजनीति को हाशिए में ही रखना चाहिए, राष्ट्र प्रथम का संकल्प ही सर्वोपरि है।

सोशल मीडिया में चल रही चर्चा जिसमें लाइट बंद करने से ग्रिड के असंतुलन की बात कही जा रही है, इस भ्रम को भी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से संबंधित अधिकारियों द्वारा दूर किया जाना चाहिए, हालांकि पावरग्रिड और ग्रिड कारपोरेशन जैसे संस्थाओं ने अपनी पूरी तैयारी कर रखी होगी स्थिति से निपटने के लिए सभी को विश्वास है।

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बहरहाल 9:00 बजे दिए और टार्च जलाकर की जाने वाली रोशनी को उद्देश्य जो भी हो, संपूर्ण राष्ट्र पंडित भीमसेन जोशी की कविता मिले सुर मेरा तुम्हारा की तरह एक सूत्र में बांधने के लिए पर्याप्त होंगे।

आप भी अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता अवश्य दर्शाए।

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