एम्स प्रबंधन ने दिखाई मानवता, अस्पताल की नर्सें मां की तरह संभाल रही हैं दोनों बच्चियों को

रायपुर। कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में जारी है। भारत समेत छत्तीसगढ़ भी इसकी चपेट में आ चुका है। इस संकट में कोरोना ने एक परिवार को ऐसा दर्द दिया कि सुनकर दिल पिघल जाए। एक कोरोना पॉजिटिव मां अपनी दो मासूम छोटी बच्ची को चाहकर भी दुलार नहीं पा रही है।

इस महिला के परिवार के पांच सदस्य पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनका एम्स रायपुर में इलाज चल रहा है। इस मां की दो मासूम बच्चियों की देखभाल करने के लिए अस्पताल में कोई भी नहीं है। जब कोई नहीं मिला तो अस्पताल प्रबंधन ने मानवता दिखाते हुए बच्चियों की देखभाल की जिम्मेदारी नर्सों को सौंप दी है। एम्स की नर्सें ही अब इन बच्चियों को दूध पिलाकर मां का फर्ज निभा रही हैं।

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प्रदेश में कोरोना का हॉटस्पॉट बना कटघोरा में यह मार्मिक घटना सामने आई है। यहां से अब तक कुल 23 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया है। इन 23 में से पांच लोग एक ही परिवार से है। महिला भी उसी परिवार की है और वह कोरोना पॉजिटिव है।

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इस महिला की दो बच्चियां हैं। एक 22 महीने की और दूसरी 3 महीने की। जिस दिन इस महिला को रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया, उस दिन महिला अपने दोनों मासूम बच्चों को भी साथ लेकर आई।

अस्पताल प्रबंधन ने पहले दोनों बच्चियों का टेस्ट करवाया। यह सौभाग्य है कि दोनों बच्चियों की पहली रिपोर्ट निगेटिव आई है। जब अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची की देखभाल के लिए उसके मामा को रायपुर बुलाया। जैसे ही वह रायपुर के लिए निकले, उन्हें रास्ते में ही पता चला कि उनका टेस्ट भी पॉजिटिव आ गया है। यह खबर सुनते ही महिला को सदमा लगा।

उसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची की नानी को देखरेख के लिए बुलवाया, लेकिन नानी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। इस तरह एक ही परिवार के पांच सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले। अब बच्चियों की देखभाल के लिए परिवार में कोई नहीं था। बच्ची के पिता दूसरे राज्य में काम करने गए है और वहीं लॉकडाउन में फंसे हुए हैं, जिन्हें प्रबंधन ने फिलहाल बुलवाया है।

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ऐसे समय में एम्स प्रबंधन ने संकट की घड़ी में मानवता दिखाते हुए दोनों बच्चियों की देखरेख के लिए आगे आया और दोनों बच्चियों की जिम्मेदारी अस्पताल की नर्स को दी है। अब नर्सेज पीपीई सूट में इन बच्चियों को दूध पिलाकर देखभाल कर रही हैं और मां का फर्ज भी निभा रही हैं। इसीलिए कहते हैं कि डॉक्टर और नर्स भगवान का रूप है। एम्स प्रबंधन की मानवता को देख सुनकर सभी लोग तारीफ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इसकी सराहना कर रहा है।

पूरी सावधानी के साथ बच्चियों की देखभाल की जा रही है

इस संबंध में एम्स अधीक्षक करण पिपरे ने बताया कि महिला को 9 अप्रैल को पॉजिटिव पाए जाने के बाद एम्स लाया गया था। वह कटघोरा मायकी आई थी। वह पॉजिटिव पाई गई है। महिला की दो छोटी बच्ची है। घर में पांच लोगों के पॉजिटिव आने के बाद दोनों बच्चियों को क्वारैंटाइन किया गया है।

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नर्स बच्चियों की पूरे सावधानी के साथ देखरेख में लगी हुईं। उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद जिस गाड़ी में उनकी मां आई थी, उसी में दोनों बच्चे भी थे। इस लिहाज से दोनों बच्चियों का सैंपल ले लिया गया। अभी दूसरी रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि बच्चे भी इफेक्ट है या नहीं ? हालांकि अभी बच्चों में किसी तरह का कोरोना लक्षण नहीं पाया गया है।

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