टीआरपी डेस्क। अमेरिका में हुए एक शोध में सामने आया कि टीबी से बचाव के लिए नवजात शिशु को दिया जाने वाले BCG Vaccine Corona Virus संक्रमण में सुरक्षा देता है। इस स्टडी के मुताबिक कोरोना संक्रमण ( Corona Virus ) और उससे हुई मौत के मामले उन देशों में अधिक हैं, जहां बीसीजी टीकाकरण ( BCG Vaccine ) की पॉलिसी या तो नहीं है या फिर बंद हो गई है।

बीसीजी का टीका लगे लोग बार-बार बीमार नहीं पड़ रहे

वहीं, जिन देशों में बीसीजी टीकाकरण ( BCG Vaccination ) अभियान चल रहा है, वहां कोरोना संक्रमण ( Corona infection ) और मौत के मामले अपेक्षाकृत कम हैं। संदेह और संभावना के बीच इस वैक्सीन का ट्रायल ( corona vaccine trials ) भी शुरू किया गया। अब नीदरलैंड में हुई ऐसी ही एक स्टडी ने एक बार फिर ध्यान खींचा है। 

दरअसल, वैज्ञानिकों ने ऐसे वॉलेंटियरों के बीच कोरोना संक्रमण के खतरे का तुलनात्मक अध्ययन किया है, जिन्हें बीसीजी का टीका ( BCG Vaccine ) लगाया गया था और जिन्हें यह टीका नहीं लगाया गया था। इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोविड-19 महामारी ( Covid 19 Pandemic ) के दौरान बीसीजी का टीका लगे लोग बार-बार बीमार नहीं पड़े या ज्यादा गंभीर बीमार नहीं हुए। 

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बीसीजी टीके से मजबूत होती है प्रतिरक्षा प्रणाली

सेल रिपोर्ट्स मेडिसिन जर्नल ( Cell Reports Medicine Journal ) में प्रकाशित इस अध्ययन में स्वस्थ वॉलेंटियरों के ऐसे समूह का अवलोकन और मूल्यांकन किया गया, जिन्हें कोरोना महामारी ( Corona Pandemic ) के इस काल से पूर्व के पांच वर्षो में बीसीजी का टीका दिया गया था। शोधकर्ताओं ने उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली की तुलना ऐसे स्वस्थ वॉलेंटियरों से की गई जिन्हें यह टीका नहीं लगाया गया था।

नीदरलैंड में रैडबाउड यूनिवर्सिटी ( Radboud University, Neitherlands ) के वैज्ञानिकों समेत अध्ययन में शामिल अन्य शोधकर्ताओं के मुताबिक बीसीजी की वैक्सीन मूल रूप से तपेदिक (टीबी) के इलाज के लिए थी, लेकिन यह प्रतिरक्षा प्रणाली को दीर्घकालिक यानी लंबी अवधि के लिए मजबूत करने में कारगर साबित हुई।

कोरोना संक्रमण का सीधा संबंध व्यक्ति की इम्यूनिटी से है

दरअसल, शुरुआत से यह बात कही जा रही है कि कोरोना संक्रमण का सीधा संबंध व्यक्ति की इम्यूनिटी ( Immune System of body ) से है। सीरो सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है कि बहुत से लोगों को संक्रमण हुआ और वे अपने आप ठीक भी हो गए। ऐसे में अगर पूर्व की किसी वैक्सीन से व्यक्ति की मजबूत हुई इम्यूनिटी कोरोना संक्रमण से बचा भी सकती है, इसी दिशा में उम्मीद देखी जा रही है।  

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हालांकि शोधकर्ताओं ने यह चेतावनी भी दी है कि इस अध्ययन की सीमाएं हैं जो BCG Vaccine Corona Virus के खिलाफ बीसीजी वैक्सीन ( BCG Vaccine ) के फायदेमंद होने का निष्कर्ष निकालने से रोकती है। शोध अध्ययन के लिए सैंपल साइज भी निष्कर्ष को प्रभावित करता है। इसलिए इस दिशा में बड़े पैमाने पर अध्ययन के बाद ही निश्चित तौर पर कुछ कहा जा सकता है। 

मार्च में भी हुई थी स्टडी

इसी साल मार्च में न्यूयॉर्क इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के डिपार्टमेंट ऑफ बायोमेडिकल साइंसेस ( New York Institute of Technology’s Department of Biomedical Sciences ) की ओर से बीसीजी टीकाकरण ( BCG Vaccination ) वाली आबादी पर कोरोना संक्रमण के असर का विश्लेषण करने वाली एक स्टडी की गई थी।

इस स्टडी में बिना BCG Vaccination वाले देशों जैसे इटली, अमेरिका, लेबनान, नीदरलैंड और बेल्जियम की तुलना में भारत, जापान, ब्राजील जैसे बीसीजी टीकाकरण वाले देशों में कोरोना संक्रमण और उससे हुई मौत के मामले कम हैं। हालांकि चीन में भी बीसीजी टीकाकरण पॉलिसी है, लेकिन चूंकि कोरोना वायरस की शुरुआत वहीं से हुई, इसलिए इस स्टडी में चीन को अपवाद माना गया।

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