नई दिल्ली। (Corona Vaccine Update India) कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित की जा रही कोविड -19 वैक्सीन एक या दो महीने में अपना अंतिम परीक्षण पूरा कर सकती हैं, जिससे दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा संक्रमण वाले देश यानी भारत में वैक्सीन के तेजी से रोल-आउट होने की उम्मीद बढ़ जाती है।

राज्य में संचालित भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और निजी तौर पर आयोजित भारत बायोटेक ने इस महीने में COVAXIN के तीसरे चरण के परीक्षण की शुरुआत की, जिसमें 26,000 वॉलिंटियर्स शामिल होंगे। यह सबसे उन्नत भारतीय प्रायोगिक टीका है।

वेब सम्मेलन में हर्षवर्धन ने दोहराया कि सरकार की योजना जुलाई तक 200 मिलियन से 250 मिलियन भारतीयों का टीकाकरण करने की थी। आईसीएमआर के एक वैज्ञानिक ने इस महीने की शुरुआत में रॉयटर्स को बताया कि टीका फरवरी या मार्च में लॉन्च किया जा सकता है, हालांकि भारत बायोटेक ने रॉयटर्स को अलग से बताया कि देर से चरण के परीक्षणों के परिणाम केवल मार्च और अप्रैल के बीच आने की उम्मीद थी।

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उच्च जोखिमवालों को पहले मिलेगी

हर्षवर्धन ने कहा कि सितंबर में सरकार आपातकालीन वैक्सीन प्राधिकरण का विकल्प चुन सकती है, विशेष रूप से बुजुर्गों और उच्च जोखिम वाले कार्यक्षेत्रों के लोगों के लिए।

भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि वे कोविद -19 को नियंत्रित करने के लिए COVAXIN और चार अन्य स्थानीय रूप से परीक्षण किए गए उम्मीदवारों पर भरोसा करने की उम्मीद करते हैं, क्योंकि वे Pfizer और Moderna द्वारा विकसित लोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में जल्दी पहुंच की उम्मीद नहीं करते हैं।