स्मार्टफोन के जामाने में आज भी क्यों ट्रेंडी है रेडियो
image source : google

टीआरपी डेस्क। एक समय था जब रेडियो हमारे जीवन का काफी अहम हिस्सा हुआ करती थी। सूचना, संचार और गीतों के माध्यम से मनोरंजन के अहम माध्यम के तौर पर रेडियो का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन टेलिविजन और मोबाइल जैसी चीजें आने के बाद रेडियो का पहले जैसा इस्तेमाल नहीं रहा है। भले ही आज स्मार्टफोन का ट्रेंड हो लेकिन फिर भी रेडियो के प्रति लोगों की दीवानगी आज भी कम नहीं हुई है।

आपको बता दें, 13 फरवरी को हर साल विश्व रेडियो दिवस (World Radio Day) के रूप में मनाया जाता है। साथ ही इस बार विश्व रेडियो दिवस का थीम है- ”नई दुनिया, नया रेडियो।”

‘विश्व रेडियो दिवस’ (World Radio Day) का उद्देश्य

विश्व रेडियो दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य जनता और मीडिया के बीच रेडियो के महत्व को बढ़ाने के लिए जागरूकता लाना है। रेडियो सूचनाओं के साथ जानकारी प्रदान करने, नेटवर्किंग बढ़ाने और प्रसारकों के बीच एक प्रकार का अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

See also  चुनाव से पहले चुनाव आयोग की वेबसाइट हुई हैक... अफसरों का पासवर्ड हैक कर बनाए हजारों फर्जी वोटर आईडी कार्ड, अकाउंट में मिले 60 लाख रुपए

जानिए इसका महत्व

दुनिया भर में सूचना के आदान-प्रदान और लोगों को शिक्षित करने में रेडियो ने अहम भूमिका निभाई है। इसका इस्तेमाल युवाओं को उन विषयों की चर्चा में शामिल करने के लिए किया गया जो उनको प्रभावित करते हैं। इसने प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान लोगों की कीमती जानों को बचाने में मदद की।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रेडियो को एक नई दिशा दी है। वह रेडियो पर ‘मन की बात’ कहते हैं जिसे सुनने के लिए करोड़ों लोग रेडियो का प्रयोग करते हैं। इस तरह पीएम ने रेडियो को दोबारा लोगों के घर में पहुंचाया है।

कैसे हुई शुरुआत ?

शिक्षा के प्रसार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक बहस में रेडियो की भूमिका को रेखांकित करते हुए यूनेस्को ने पहली बार 13 फरवरी 2012 को विश्व रेडियो दिवस के रूप में मनाया। 13 फ़रवरी को संयुक्त राष्ट्र रेडियो की वर्षगांठ भी है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 67वें सत्र में 13 फरवरी को ‘विश्व रेडियो दिवस’ के रूप में घोषित करने के लिए एक संकल्प अपनाया गया तथा इसी प्रकार 13 फरवरी को प्रत्येक साल विश्व रेडियो दिवस मनाया जाने लगा।

See also  VB-G Ram Ji: मनरेगा की जगह लेने वाले 'वीबी–जी राम जी' कानून की अधिसूचना जारी, इस तारीख से देशभर में होगा लागू होगा

कैसे मनाया जाता है? World Radio Day

हर साल यूनेस्को दुनिया भर के ब्रॉडकास्टर्स, संगठनों और समुदायों के साथ मिलकर रेडियो दिवस के अवसर पर कई तरह की गतिविधियों का आयोजन करता है।

इस दिन संचार के माध्यम के तौर पर रेडियो की अहमियत के बारे में स्वस्थ चर्चा की जाती है और जागरूकता फैलाई जाती है। इस विषय पर भाषण दिया जाता है।

रेडियो से संबंधित फैक्ट्स

  • रेडियो का आविष्कार मारकोनी ने किया था।
  • दुनिया में पहला रेडियो प्रसारण 24 दिसंबर 1906 को कैनेडियन विज्ञानिक रेगीनाल्ड फेससेंडें ने किया था।
  • दुनिया का पहला रेडियो स्टेशन 1918 में Lee The Forest ने New York के haribrji इलाके से प्रसारित किया गया था।
  • नवंबर 1920 में नौसेना के रेडियो डिपार्टमेंट में काम कर चुके फ्रैंक कोनार्ड को दुनिया में पहली बार कानूनी तौर पर Radio Station खोलने की अनुमति दी गई
    थी।
  • भारत में रेडियो ब्रॉडकास्ट की शुरुआत साल 1923 में हुई थी।
  • पहला रेडियो प्रसारण भारत में 23 जुलाई 1927 को कोलकाता के एक क्लब द्वारा किया गया था।
  • भारत में साल 1936 में सरकारी ‘इम्पेरियल रेडियो ऑफ इंडिया’ की शुरुआत हुई जो आजादी के बाद ऑल इंडिया रेडियो या आकाशवाणी बन गया।
  • सुभाष चंद्र बोस ने नवंबर 1941 में रेडियो पर जर्मनी से भारतवासियों को संबोधित किया था।
  • 9 अगस्त 1942 को गांधी जी ने रेडियो प्रेस में ”अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया”
  • 2001 मैं देश का पहला निजी Fm channel की शुरुआत की गई थी। जिसका नाम रेडियो सिटी बैंगलोर था।
  • Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…
See also  बड़ा हादसा: आरती स्पंज फैक्ट्री में जर्जर शेड गिरने से एक श्रमिक की मौत, 4 गंभीर रूप से घायल, कैसे हुई चूक?