वीरेंद्र सहवाग

टीआरपी डेस्क। भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग ने अपनी डेढ़ करोड़ रुपये की कीमत वाली मर्सिडीज कांगड़ा जिले के नूरपुर में पंजीकृत करवाई है। सहवाग ने अपनी गाड़ी 19 फरवरी 2020 को पंजीकृत करवाई थी। गाड़ी का नंबर एचपी 38 एफ 8988 है। सूत्रों की मानें तो सहवाग ने टैक्स में रियायत पाने के लिए अपनी डेढ़ करोड़ की महंगी गाड़ी नूरपुर में पंजीकृत करवाई है।

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने उठाया सवाल

गौरतलब है कि हिमांचल के नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया में सहवाग की महंगी गाड़ी के हिमाचल में पंजीकरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सवाल किया है कि आखिर दिग्गज खिलाड़ी को भी ऐसी क्या जरूरत पड़ गई कि अपनी गाड़ी हिमाचल में रजिस्टर करवाई जाए। नेता प्रतिपक्ष महंगी गाड़ियों के हिमाचल में रजिस्टर होने के मामले में लगातार जांच की मांग कर रहे हैं।

रजिस्ट्रेशन फीस कम लगे, इसलिए यहां कराते हैं पंजीयन

देश की बड़ी हस्तियां हिमाचल में अपने लग्जरी वाहनों को इसलिए पंजीकृत करवाती हैं ताकि रजिस्ट्रेशन फीस कम लगे। हिमाचल में अन्य राज्यों के मुकाबले रजिस्ट्रेशन फीस कम लगती है। इसके लिए उनको हिमाचल का हाउस रेंट एग्रीमेंट या स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र दर्शाना होता है।

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पंजीयन के लिए दस्तावेज अनिवार्य

पंजीकरण के लिए बाहरी राज्य के व्यक्ति को हिमाचल से संबंधित दस्तावेज जमा करवाना अनिवार्य होता है। इसलिए, बाहरी राज्यों के लोग महंगी गाडि़यां हिमाचल में पंजीकृत करवाने के लिए सूबे का हाउस रेंट एग्रीमेंट, किसी कारोबार में पार्टनशिप या इस तरह के हिमाचल से संबंधित अन्य दस्तावेज बनवाकर जमा करवाते हैं।

सहवाग ने जमा करवाया है ये प्रमाण पात्र

वीरेंद्र सहवाग ने राजधानी शिमला में चल रहे एक स्कूल के साथ कोई एग्रीमेंट कर रखा है। इसी एग्रीमेंट के तहत उन्होंने कांगड़ा के नूरपुर में अपनी लग्जरी गाड़ी का पंजीकरण करवाया है। पंजीकरण के दौरान उन्होंने जो भी दस्तावेज प्रस्तुत किए, वे पूरी तरह से सही हैं। इसके चलते इस पंजीकरण को किसी भी तरह से फर्जी करार नहीं दिया जा सकता। एसडीएम नूरपुर सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि वीरेंद्र सहवाग की ओर से करवाया गया गाड़ी का पंजीकरण पूरी तरह से नियमों के तहत हुआ है।

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