टीआरपी डेस्क। लंबे अंतराल के बाद मध्यप्रदेश बीजेपी ने मंगलवार रात को अपनी प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा की लेकिन कुछ ही मिनटों में इस पर विवाद शुरू हो गया। बीजेपी कार्यसमिति की सूची में पदाधिकारियों के नाम के आगे उनकी जाति लिख दी थी।

बीजेपी के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर सूची डाली गई थी लिहाज़ा तेज़ी से लिस्ट वायरल भी हो गई। सूची जारी होते ही विवाद शुरू हो गया, जिसके चलते महज 10 मिनट बाद ही लिस्ट को सोशल मीडिया से हटा दिया गया। इसके बाद रात 12:45 बजे जाति हटाकर पदाधिकारियों की संशोधित सूची जारी की गई।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के आगमन से पहले आनन-फानन में जारी हुई लिस्ट

जानकारी के मुताबिक, भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के भोपाल आने से पहले ही आनन-फानन में कार्यसमिति की सूची जारी की गई थी। इसमें सिंधिया के कुछ समर्थकों को भी एंट्री मिली, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ, जब किसी पदाधिकारी के नाम के आगे उसके वर्ग व जाति का उल्लेख भी किया गया। हालांकि, कुछ नेताओं की जाति गलत लिखी थी। इनमें कैलाश विजयवर्गीय, सीएम शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हैं। दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय वैश्य हैं, जबकि उनके नाम के आगे ब्राह्मण लिखा था। वहीं, सीएम शिवराज सिंह चौहान की जाति धाकड़ और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की जाति राजपूत लिखी थी।

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बीजेपी कार्यसमिति में पहली बार ज्योतिरादित्य सिंधिया के कुछ समर्थकों को भी जगह मिल गई है। सिंधिया समर्थक इमरती देवी को कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है, जबकि रघुराज कंसाना और गिर्राज दंडोतिया विशेष आमंत्रित सदस्य बने हैं। सिंधिया समर्थक भोपाल के युवा नेता कृष्णा घाडगे भी कार्यसमिति सदस्यों की सूची में शामिल हैं। कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आने वाले ऐंदल सिंह कंसाना को भी कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है।

भाजपा ने दी अपनी सफाई

पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर का कहना है कि पहली सूची गलती से जारी हो गई थी। उसमें सुधार किया गया, जिसके बाद सूची दोबारा जारी की गई। नई प्रदेश कार्यसमिति में 162 सदस्य, 218 विशेष आमंत्रित सदस्य, 23 स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम नहीं है। स्थायी आमंत्रित सदस्यों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत, केंद्रीय मंत्री नरेद्र सिंह तोमर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सुमित्रा महाजन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रह्लाद पटेल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे विक्रम वर्मा, सत्यनारायण जटिया और प्रभात झा को शामिल किया गया है। इनके अलावा सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, गृह एवं संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव समेत पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य, ओमप्रकाश ध्रुवे, सांसद सुधीर गुप्ता, पूर्व मंत्री माया सिंह, जयभान सिंह पवैया, कृष्ण मुरारी मोघे, माखन सिंह और भगवत शरण माथुर को भी सूची शामिल किया गया है। पिछली कार्य समिति में सदस्य रहे पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ सिंह को इस बार जगह नहीं मिली, जबकि भोपाल के पूर्व जिलाध्यक्षों को शामिल किया गया।

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