अश्विनी वैष्णव
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टीआरपी डेस्क। देश के नए सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपना पद संभालते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के साथ चल रहे सरकार के विवाद पर अपना सख्त रुख दिखाया है। वैष्णव ने गुरुवार को अपना पद संभालने के साथ कड़ा संदेश दिया। नए आईटी मंत्री ने कहा कि ‘देश का कानून सबसे ऊपर है और ट्विटर को नियम मानने ही होंगे।’

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जोर देते हुए कहा है कि ट्विटर को हर हाल में IT नियम मानने होंगे और उनका पालन करना होगा। IT मंत्री के तौर पर चार्ज संभालने के बाद उन्होंने कहा कि जो भी भारत का नागरिक है और जो यहां रहता है, उसे भारत के कानून मानने ही होंगे।

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अश्विनी वैष्णव का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है। जब हाल ही में ट्विटर ने दिल्ली हाई कोर्ट को हलफनामा दाखिल कर सूचित किया है कि आईटी नियमों के अनुपालन में शिकायत निवारण अधिकारियों को नियुक्त करने में 8 सप्ताह का समय लगेगा। ट्विटर ने अदालत को यह भी बताया है कि वह भारत में एक संपर्क कार्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया में है। जो उनका स्थायी फिजिकल कॉन्टेक्ट एड्रेस होगा। ट्विटर ने यह भी कहा है कि वह 11 जुलाई तक नए आईटी नियमों के अनुसार अपनी पहली अनुपालन रिपोर्ट पेश करेगा।

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इससे पहले संभाला रेल मंत्रालय का चार्ज 

बता दें, इससे पहले अश्विणी वेष्णव रेल मंत्रालय का चार्ज भी संभाला था। उनके पास रेल मंत्रालय और IT मंत्रालय की जिम्मेदारी होगी। अश्विनी वैष्णव, ओडिशा कैडर से 1994 के IAS अधिकारी हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वह ‘ड्रैमेज कंट्रोल’ के मास्टर हैं। इसके अलावा उन्होंने ओडिशा में बालासोर में आए तूफान में शानदार काम किया। डीएम रहते हुए उन्होंने राहत और बचाव कार्य स्थल पर खुद मौजूद रहकर स्थिति संभाली।

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इसके बाद जब नवीन पटनायक ओडिशा के मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने अश्विनी वैष्णव को कटक का कलेक्टर बनाया।  इसके बाद जब साल 2004 में केंद्र में NDA की सरकार बनी, तब अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें अपना निजी सचिव बनाया। इसके बाद उन्होंने 2006 में प्रधानमंत्री वाजपेयी के निजी सचिव का पद छोड़ दिया।

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