छत्तीसगढ़ में बारिश के आसार कम, 15 से 17 जुलाई तक तापमान में हो सकती है बढ़ोत्तरी
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टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में अभी फिलहाल अच्छी बारिश के आसार कम नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 17 जुलाई तक मानसूनी सिस्टम में परिवर्तन नहीं होने के कारण अच्छी बारिश की संभावना बहुत कम है। वहीं प्रदेश में 15 से 17 जुलाई तक अधिकतम तापमान में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। हालांकि, शाम या रात में ही हल्की या मध्यम खंड वर्षा होने की प्रबल संभावना है।

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वहीं 17 जुलाई के बाद पुन: हवा की दिशा पश्चिमी होने की संभावना है। इसके बाद ही प्रदेश में वास्तव में मानसूनी बारिश के पुनर्स्थापित होने की संभावना है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। प्रदेश के अनेक स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है।

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मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया है कि मानसून द्रोणिका तटीय कच्छ से उदयपुर, गुना, गोंदिया, जगदलपुर, विशाखापट्टनम होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है।

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कई स्थानों पर गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना

पूर्व- पश्चिम शियर जोन 19 डिग्री उत्तर में 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इस सिस्टमों के प्रभाव से 15 जुलाई को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि संभावित है।

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मौसम विज्ञानी चंद्रा के मुताबिक मानसून ॠतु में अरब सागर से आने वाली पश्चिमी हवा की प्रबलता और बंगाल की खाडी में मानसूनी तंत्र के उपस्थित पर निर्भर करता है। कच्छ और पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा बना है। इसके और प्रबल होकर निम्न दाब के क्षेत्र में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है। इसके कारण पश्चिम से आने वाली मानसूनी हवा को चक्रवाती घेरा के इर्द-गिर्द समेटने की पूरी संभावना है।

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मानसूनी सिस्टम में परिवर्तन नहीं होने के कारण बारिश की संभावना  कम 

प्रदेश में अभी दक्षिण पूर्वी हवा, मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में आ रही है। जब तक कोई खास मौसमी तंत्र न रहे तब तक दक्षिण पूर्व से आने वाली हवा से अच्छी और व्यापक बारिश की संभावना कम रहती है। इन दोनों कारणों से प्रदेश में 15 जुलाई से 17 जुलाई तक इस स्थिति में परिवर्तन नहीं होने के कारण अच्छी बारिश की संभावना बहुत कम है। प्रदेश में 15 से 17 जुलाई तक अधिकतम तापमान में भी वृद्धि संभावित है। साथ ही संध्या या रात्रि में हल्की या मध्यम खंड वर्षा होने की प्रबल संभावना है।

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