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रायपुर। डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है, क्योंकि जन्म तो ईश्वर देता है मगर इस जिंदगी को खतरे से बचाने की जिम्मेदारी डॉक्टर की होती है। यह बात सच है कि आज के बदलते समय में चिकित्सा सेवा सबसे महंगी हो गई है। साथ ही अधिकांश डॉक्टर व्यापारियों की तरह मरीजों से पेश आने लगे हैं।

मगर वर्तमान में राजधानी रायपुर के कुछ युवा डॉक्टर्स ऐसे भी हैं जो निस्वार्थ भावना से इस महामारी में लोगों का मुफ्त ईलाज कर रहे हैं। इसना ही नहीं डॉक्टर्स के इस ग्रुप ने एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। इस नंबर पर बस एक कॉल करने से चिकित्सक आपके घर आकर निःशुल्क ट्रीटमेंट देते हैं।

इस तरह हुई दोस्त ग्रुप की शुरुआत

ग्रुप के फाउंडर मेंबर डॉ. सत्यजीत साहू ने बताया कि कोरोना काल में लोगों को उपचार में आ रही समस्या को देखते हुए 10 जून 2021 को यह टीम बनी। हम पांच लोगों ने तय किया कि इस महामारी के दौर में लोगों की मदद की जाए क्योंकि आर्थिक रूप से कमजोर लोग ईलाज कराने से कतराते हैं।

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आज इस ग्रुप से जुड़े 52 डॉक्टर्स

वर्तमान में इस ग्रुप में 52 डॉक्टर्स शामिल हो चुके हैं। जिनमें 12 महिला चिकित्सक भी हैं। वे भी मरीजों के घर पहुंचकर उनका इलाज कर रही हैं। टीम में कई ऐसे चिकित्सक भी हैं जिन्हें 45 वर्ष अधिक का अनुभव है। डॉ. सत्यजीत साहू, डॉ. राहुल और डॉ. विकास ने यह विचार रखा था। साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के हॉस्पिटल बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राकेश गुप्ता के मार्गदर्शन में टीम ने काम करना प्रारंभ किया और फिर समय के साथ शेष डॉक्टर्स भी ग्रुप में जुड़ते चले गए।

इस नंबर पर करें संपर्क

किसी भी तरह की दिक्कत होने पर 9329004557 तथा 9329000420 में कॉल कर सकते हैं।

कई विशेषज्ञ शामिल

दोस्त के लिया काम कर रहे डॉक्टरों की टीम में रेडियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ग्रेस्टोइंट्रोलॉजिस्ट ईएनटी, डायबिटीज, नेफोलॉजिस्ट सहित कई चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं।

Hospital Board of the Indian Medical Association

संचालित किया जा रहा कंट्रोल रूम

वर्तमान में इंडोर स्टेडियम में इसका कंट्रोल रूम हैं नंबर पर कॉल कर नि:शुल्क चिकित्सा का 24 घंटे लिया जा सकता हैं। इसके अलावा जल्द ही शंकर नगर व डगनिया में भी कंट्रोल रूम खोलने की तैयारी की जा रही हैं। रायपुर स्मार्ट सिटी द्वारा इसके लिए दो एंबुलेंस प्रदान किया गया हैं। वर्तमान में प्रारंभिक सेवा के रूप में संतोषी नगर, टिकरापारा, पुरानी बस्ती व भाटागांव क्षेत्र में शुरू किया गया हैं।
जिसे धीरे-धीरे पूरी राजधानी के शुरू किया जायेगा।

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8 शिफ्ट में टीम कर रही है काम

बता दें कि वर्तमान में आठ शिफ्ट में टीम काम कर रही हैं। अब तक में 100 से ज्यादा जांच की जा चुकी हैं। फॉलोअप के लिए भी इस टीम में 25 से 30 फीसदी एमबीबीएस व पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टर और बाकी के बीएचएमएस शामिल हैं।

Chairman of the Hospital Board of the Indian

मुहिम को पूरे प्रदेश में शुरू करने की प्लानिंग

दोस्त ग्रुप के फाउंडर मेंबर डॉ. सत्यजीत साहू ने बताया की बहुत से ऐसे लोग हैं जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। जिसकी वजह काफी लोग ईलाज से वंचित रह जाते हैं। महंगे उपचार के कारण लोग अस्पताल जाने से भी कतराते हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए हमने निःशुल्क घर पहुंच प्राइमरी स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करने का सोचा। जिसके बाद हमने इसे स्टेट प्लानिंग कमीशन के पास भेजा और प्लानिंग कमीशन ने हमें मोड्यूल बनाकर दिया। साथ ही टोल फ्री नंबर जारी करने की सलाह दी। जिसके बाद प्लानिंग कमीशन ने स्मार्ट सिटी से सम्पर्क किया और हमें कॉल सेंटर और टोल फ्री नंबर समेत 2 एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई।

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डॉक्टर यूनिट की टीम ने डॉक्टर्स को जोड़ना शुरू किया जिन्होंने प्रतिदिन 3-3 घंटे की ड्यूटी देना शुरू की। पहले 12 डॉक्टर थे आज 52 डॉक्टरों की टीम है। आम लोगों की सेहत और टीम से लगातार जुड़ रहे डॉक्टरों के उत्साह को देखते हुए जल्द ही इस प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में शुरू करने का प्लान तैयार कर रहे हैं।

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