किसान मुआवज़ा मामला: कोर्ट ने रविवि के कम्प्यूटर, स्मार्ट बोर्ड सहित अन्य सामानों को कुर्क करने का दिया आदेश

रायपुर। किसानों की जमीन के मुआवज़े के मामले में रविवि की चल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई ज़ारी है। बीते दिनों कोर्ट के आदेश के बाद रविवि के अफसरों की गाड़ियों को कुर्क किया गया था। जिसके बाद कुलसचिव के चेंबर में रखी टेबल-कुर्सी, सोफा और टीवी भी कुर्क कर ली गई थी।

ताज़ा मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट ने 12 किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रविवि के कम्प्यूटर, स्मार्ट बोर्ड, सहित अन्य समानों को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया गया है। जानकारों का कहना है कि मुआवजे के मामले में आगे भी कुर्की की कार्रवाई हो सकती है और इसे लेकर विश्वविद्यालय में डर का माहौल है।

शासन से मुआवजे की थी मुआवज़ा राशि की मांग

बता दे कि वर्ष 2004-05 में किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया। किसानों को जमीन का मुआवजा दिया गया। यह जमीन शासन ने रविवि को दी। कुछ वर्षों बाद 31 किसान जमीन का मुआवजा कम मिलने को लेकर कोर्ट चले गए। 2017 में कोर्ट से यह निर्णय दिया कि किसानों को और मुआवजा दिया जाए। इसे लेकर रविवि ने शासन से मुआवजे की राशि मांगी। लेकिन शासन ने पैसे देने से इंकार कर दिया। विवि के अफसरों ने बताया कि मुआवजे की राशि शासन से नहीं मिलने के बाद यह तय किया गया कि जमीन संबंधित लोगों को वापस कर दी जाए। इसके लिए कलेक्टर को पत्र लिखा गया। वहां से भी जवाब नहीं आया।

कोर्ट के चक्कर काटने को मजबूर रविवि

कुर्की की कार्रवाई को रोकने के लिए विवि प्रबंधन जिला कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट तक के चक्कर काट रहा है। पक्ष कमजोर होने के चलते जिला कोर्ट में जहां उसके खिलाफ फैसले आ रहे हैं, वहीं हाई कोर्ट ने भी दो बार प्रबंधन के आवेदन खारिज कर दिए हैं। रविवि के कुलसचिव डा. गिरीशकांत पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुर्क वाहन की बिक्री को लेकर 23 जून को सुनवाई की तारीख मिली है। मामले को लेकर हमारी शासन स्तर पर लगातार बात चल रही है।

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