कोयला घोटाले के आरोपी अभिषेक बनर्जी ने न्यायपालिका पर लगाए गंभीर आरोप

कोलकाता। कोयला घोटाला मामले में CBI  जांच दायरे में आए सीबीआई जांच से पेरशान तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को अब न्याय पालिका पर भी भरोसा नहीं रहा। उन्होंने न्याय पालिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिषेक बनर्जी द्वारा न्याय पालिका पर गंभीर आरोप लगाए जाने पर प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने उन्हें जमकर लताड़ा।

दरअसल अभिषेक बनर्जी ने पूर्वी मिदनापुर जिला में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा कि न्यायपालिका का एक छोटा सा हिस्सा गुलाम बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच का आदेश दे रहा है। बनर्जी ने हल्दिया के बंदरगाह शहर में कहा कि मुझे यह कहते हुए शर्म आती है कि न्यायपालिका का एक बहुत छोटा हिस्सा मिनियन बन गया है। एक या दो व्यक्ति समझ के साथ काम कर रहे हैं। सभी नहीं, केवल एक प्रतिशत। वे हर मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे रहे हैं। वे हत्या की चल रही जांच पर भी रोक लगाने का आदेश दे रहे हैं। क्या आपने कभी इस बारे में सुना है? आप हत्या की जांच पर रोक लगाने का आदेश नहीं दे सकते। उनके इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

अभिषेक बनर्जी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने यह आरोप क्यों लगाया कि न्यायपालिका का एक हिस्सा निर्देशों के तहत काम कर रहा था, लेकिन यह स्पष्ट था कि वह परोक्ष रूप से इस तथ्य की ओर इशारा कर रहे थे कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत सीबीआई द्वारा 272 मामलों की जांच की जा रही है। इनमें से अधिकांश मामलों में राजनीतिक हिंसा शामिल है जो टीएमसी के 2021 के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद हुई थी।

उन्होंने कोयला तस्करी मामले का उल्लेख किए बिना प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उन्हें भेजे गए समन  का भी उल्लेख किया, जिसमें वह और उनकी पत्नी रुजीरा संदिग्ध हैं। सीबीआई ने उनसे पिछले साल पूछताछ की थी। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सीबीआई और ईडी लगातार मुझे निशाना बना रहे हैं लेकिन मैंने उनके सामने अपना सिर नहीं झुकाया है। मैं किसी एजेंसी या जांच से नहीं डरता। ईडी ने मुझे दो बार दिल्ली बुलाकर परेशान करने की कोशिश की। मैं कभी किसी एजेंसी से नहीं भागा। मैंने उनसे कहा कि अगर वे मुझसे पूछताछ करना चाहते हैं, तो उन्हें बंगाल आना चाहिए। मैं इस मिट्टी का पुत्र हूं। मैं सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हूं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में टीएमसी नेता और उनकी पत्नी को दिल्ली में ईडी के सामने पेश होने से राहत दी और एजेंसी को कोलकाता में दंपति से पूछताछ करने का आदेश दिया।

विपक्षी दलों ने दी तीखी प्रतिक्रिया

बंगाल बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा टीएमसी ने न्यायपालिका को उसी तरह निशाना बनाया है जिस तरह से उसने सभी संस्थानों और हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा,  “यह कहना कि वह न्यायपालिका के एक प्रतिशत या एक या दो न्यायाधीशों की बात कर रहे थे, कोई फर्क नहीं पड़ता। यह कलकत्ता उच्च न्यायालय की पांच-न्यायाधीशों की पीठ थी जिसने अपने आदेश (चुनाव के बाद की हिंसा के मामले में) में कहा था कि बंगाल अपने स्वयं के कानून द्वारा चलाया जा रहा है।

बनर्जी का बयान अदालत की अवमानना : रंजन भट्टाचार्य

 प्रख्यात वकील और माकपा के राज्यसभा सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि बनर्जी का बयान अदालत की अवमानना के समान है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से अदालत की अवमानना है। न्यायपालिका के प्रति अनादर दिखाया गया है। केवल टीएमसी नेता ही ऐसी चीजों के लिए सक्षम हैं। बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी के नेताओं को न्यायपालिका को निशाना बना रही हैं क्योंकि वह ऐसा नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेता पार्टी के खिलाफ जाने वाले फैसलों को स्वीकार नहीं कर सकते। अभिषेक बच्चा है। ममता बनर्जी ये बयान क्यों नहीं दे रही हैं? हल्दिया की बैठक में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने खुद को सीबीआई जांच से बचाने के लिए कैंप बदलने का आरोप लगाया।

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