राष्ट्रपति चुनाव के लिए ऐसे भी उम्मीदवार..! अब तक 16 ने भरे पर्चे, पति-पत्नी ने भी दाखिल किया नामांकन

नई दिल्ली। संसद भवन में राष्ट्रपति चुनाव के लिए नॉमिनेशन की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई। अब तक 16 लोगों ने प्रेसिडेंट इलेक्शन के लिए नॉमिनेशन फ़ाइल किया है। दिलचस्प यह है कि इन लोगों में से कोई भी राजनेता या ऐसी पहुंच वाला नहीं है, जो इस चुनाव में वोट हासिल कर सके।

नॉमिनेशन से प्रस्तावक-समर्थक गायब

राष्ट्रपति पद के लिए अब तक जितने भी नॉमिनेशन फाइल किए गए हैं, उनका रिजेक्ट होना तय माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि किसी भी नॉमिनेशन में 100 इलेक्टर्स, 50 प्रपोजर्स और जरूरी अप्रूवल्स नहीं हैं, जोकि प्रेसिडेंट इलेक्शन के लिए अनिवार्य हैं। नामांकन भरने वालों में मुंबई के पति पत्नी सायरा बानो मोहम्मद पटेल और मोहम्मद पटेल अब्दुल हमीद भी शामिल हैं। इन दोनों ने इस पद के लिए अलग-अलग नामांकन भरे हैं।

लोकसभा से लेकर राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ा

नामांकन भरने वालों में कानपुर के पुलिस विभाग में काम कर चुके महेश चंद शर्मा भी शामिल है, जो इससे पहले लोकसभा से लेकर राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ चुके हैं। वह हर बार हारे लेकिन इच्छा अब भी जीतने की है। यही वजह है कि झोला लिए संसद भवन के चक्कर काट रहे हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से आए किशन लाल की भी ऐसी ही कहानी है, पेशे से वैद्य किशन लाल को उम्मीद है कि उन्हें यूपी के नेताओं से समर्थन मिलेगा, तो पंजाब लुधियाना से आए बोधराज सिंह पूर्व प्रोफ़ेसर होने के नाते देश के युवाओं में बदलाव लाने के लिए मैदान में आ गए हैं।

चुनाव फॉर्म को लेकर धरने की तयारी

इसी तरह बोधराज भगवान राम के भक्त हैं और इन्हें आस है कि राम ही इनकी नैया पार लगाएंगे। तमिलनाडु के कृष्णा रेड्डी से दिल्ली आए इलियास ने फॉर्म तो लिया है, लेकिन उनको चुनाव की मौजूदा प्रक्रिया से ही शिकायत है, क्योंकि इस चुनाव में किसी आम आदमी के जीतने की उम्मीद नहीं होती है। इससे भी ज़्यादा शिकायत इस बात की है कि चुनाव नामांकन का फॉर्म काफी पेचीदा है, इससे नाराज इलियास चुनाव फॉर्म के मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर धरने की भी तैयारी कर रहे हैं।

फारूक ने अपना नाम लिया वापस

नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में अपना नाम वापस लेते हुए कहा कि वह ‘‘बेहद महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे जम्मू-कश्मीर’’ का रास्ता तय करने में अपनी भूमिका निभाना चाहेंगे।

बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के बाद 84 वर्षीय फारूक अब्दुल्ला दूसरे नेता हैं जिन्होंने जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले विपक्ष की ओर से संभावित उम्मीदवार के रूप में अपना नाम वापस ले लिया है। अब्दुल्ला ने यह घोषणा मुंबई में होने वाली विपक्ष की संयुक्त बैठक से पहले की है। इस बैठक के बाद विपक्ष संयुक्त रूप से अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकता है।

नेकां प्रमुख और लोकसभा सदस्य अब्दुल्ला ने उनके नाम का प्रस्ताव रखने पर विपक्ष को धन्यवाद दिया है। नेकां द्वारा जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त विपक्ष के संभावित उम्मीदवार के रूप में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उनका नाम प्रस्तावित किए जाने पर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं।

सांसद-विधायकों की मांगी जानकारी

चुनाव प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर ऐसे सांसद विधायकों के नाम मांगे हैं। जो किसी भी अपराध में जेल मे सजा काट रहे हैं। इस चुनाव के लिए राज्य सभा के महासचिव पी.के मोदी मुख्य चुनाव अधिकारी हैं।

नामांकन की यह प्रक्रिया 28 जून तक चलेगी और छंटनी 29 जून को होगी। अगर जरूरी हुआ तो 17 जुलाई को प्रेसिडेंट इलेक्शन के लिए वोटिंग होगी और फिर 20 जुलाई को काउंटिंग की जाएगी।

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