मध्यप्रदेश के बड़वानी में एफआईआर दर्ज, गिरफ़्तारी नहीं

रायपुर। मध्य प्रदेश के बड़वानी में नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख नेता मेधा पाटकर और उनके 11 अन्य साथियों के खिलाफ रुपयों के गबन मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। मेधा पाटकर और उनके एनजीओ के 11 लोगों पर रुपयों के गबन के मामले में बड़वानी पुलिस (Barwani Police) ने एफआईआर (FIR) दर्ज किया है।

मेधा पाटकर पर आरोप है कि नर्मदा के नवनिर्माण अभियान एनजीओ (NGO) ने 84 सामाजिक कार्यों और आदिवासी बच्चों (Tribal Children) की शिक्षा (Education) पर खर्च की जाने वाली राशि का दुरुपयोग किया है। आरोप है कि राशि का इस्तेमाल विकास परियोजनाओं में करने के बजाय विरोध-प्रदर्शन करने में किया जा रहा है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनजीओ को बीते सालों में 13 से 14 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है जबकि इस संबंध में आय और व्यय के स्रोतों का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है. मामले को लेकर एक युवक प्रीतम बडोले ने एफआईआर दर्ज कराई है।

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शिकायतकर्ता प्रीतम बडोले का कहना है कि एनजीओ द्वारा महाराष्ट्र के नंदूरबार क्षेत्र में जीवनशाला नाम का एक स्कूल संचालित करने और बच्चों का भविष्य बनाने की बात कही गई थी, जबकि हकीकत में इस प्रकार का कोई स्कूल देखा ही नहीं गया यानी स्कूल के नाम पर मेधा पाटकर और उनके साथी पैसों का गबन कर रहे हैं। लोगों में भ्रम फैलाने और माहौल खराब करने के लिए पैसों का इस्तेमाल किया जा रहा हैं।