नई दिल्ली। सावन माह की शुरुआत के साथ ही भगवान शिव के प्रति आस्थावान श्रद्धालुओं की ओर से देश भर में कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है। कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के कारण बीते दो साल के लिए एहतियात के तौर पर केंद्र सरकार की ओर कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई गई थी। सभी वर्गों को कोरोना से बचाव के लिए टीके लगने के बाद कावड़ यात्रा के लिए कोरोना नियनों में ढील दी गई है। जिसके कारण देश भर में श्रद्धालुओं की ओर से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है।

वहीं इस बार कांवड़ यात्रा पर रेडिकल एलिमेंट्स का खतरा मंडरा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसको लेकर सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर अलर्ट रहने को कहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की जारी एडवाइजरी में संकेत दिए गए हैं कि विध्वंसकारी ताकतें कांवड़ यात्रा में व्यवधान डालने के लिए कई तरह की साजिशें रच सकती हैं। गृह मंत्रालय की इस एडवाइजरी के बाद सभी राज्यों के खुफिया तंत्र ने पुलिस को भी सतर्क कर दिया है।

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को भेजी अपनी एडवाइजरी में साफ-साफ लिखा है कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान रेडिकल एलिमेंट्स से होने वाले संभावित खतरे से सबसे ज्यादा चौकन्ना रहना है। केंद्रीय खुफिया विभाग से हासिल जानकारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह एडवाइजरी जारी की है।

सुरक्षाबलों को अलर्ट रहने के निर्देश

एडवाइजरी के सभी राज्यों ने भी अपनी पुलिस और उसके स्थानीय सूचना तंत्र को अलर्ट कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एहतियातन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त अर्धसैनिक सुरक्षाबल तैनात किए जाने की सलाह भी दी है। यह सुरक्षाबल स्थानीय पुलिस की मदद के लिए होगा। गृह मंत्रालय ने वैसे तो यह दिशा-निर्देश सभी राज्यों को भेजे हैं, लेकिन उन राज्यों को विशेष तौर पर आगाह किया गया है जहां कांवड़ यात्रा का चलन ज्यादा है, इनमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश शामिल हैं।

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रेलवे स्टेशनों पर भी अलर्ट

एडवाइजरी में इस बार रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा भी पुख्ता करने को कहा गया है। एडवाइजरी में विशेष तौर पर कहा गया है कि ट्रेनों पर भी इस बार असामाजिक तत्वों की नजर पड़ सकती है। ट्रेनों की सुरक्षा वक्त रहते एहतियातन और भी ज्यादा मजबूत करने को कहा गया है। इस अलर्ट से सभी राज्यों के रेलवे सुरक्षाबल भी अलर्ट हो गए हैं। देश के किसी भी राज्य की सीमा में ट्रेनों की सुरक्षा का पहला और सीधा जिम्मा रेलवे पुलिस बल का ही होता है।

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