बांके बिहारी मंदिर

मथुरा। जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में हादसा हो गया। शुक्रवार रात करीब 2 बजे श्रद्धालु मंगल आरती के लिए पहुंचे हुए थे । इसी दौरान 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। दम घुटने की वजह से दोनों की मौत होना बताया जा रहा है । वहीं 6 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।

बांके बिहारी मंदिर में रात 12 बजे श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया । इसके बाद ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार हुआ इस दौरान कपाट बंद थे । भक्त मंदिर के आंगन में इकट्ठा होते रहे. 1.45 बजे कपाट दोबारा खोले गए । इसके बाद 1.55 बजे मंगल आरती शुरू हुई । मंदिर के आंगन में एक साथ करीब 800 भक्त आ सकते हैं. लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां क्षमता से कई गुना ज्यादा श्रद्धालु पहुंच गए. भीड़ ज्यादा होने की वजह से कुछ श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा ।

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व्यवस्था बिगड़ती देख श्रद्धालुओं को बाहर निकाला किया

सांस लेने में दिक्कत होने के बाद रेस्क्यू टीम दोनों को अस्पताल लेकर जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया । मंदिर में जिस समय हादसा हुआ उस समय कलेक्टर , एससपी , नगर आयुक्त समेत पुलिस बल मौजूद था । हालात बिगड़ने के बाद पुलिस के जवानों ने बेहोश हो रहे लोगों को मंदिर से निकालना शुरू किया. जिसके बाद श्रद्धालुओं को अस्पताल भेजा गया ।

यहां नहीं है मंगल आरती की परंपरा

जानकारी के मुताबिक ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में मंगल आरती की परंपरा नहीं है । यहां ठाकुर जी बाल स्वरूप में हैं और रात को निधिवन में रास रचाने जाते हैं । इसलिए सुबह उन्हें उठाया नहीं जाता. ठाकुरजी की मंगल आरती साल में सिर्फ एक बार जन्माष्टमी के दिन होती है । इस दिन कान्हा ठाकुर बनकर रात में भक्तों को दर्शन देते हैं । हादसे के वक्त भी 1:55 बजे मंगल आरती हो रही थी । इसके बाद कुछ समय के लिए पट बंद किए गए थे । इस दरम्यान क्षमता से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर परिसर में इकट्‌ठा हो गए ।

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