दन्तेवाड़ा। जिले के कटेकल्याण ब्लॉक के बड़ेगुडरा कवासी पारा के ग्रामीणों की उल्टी दस्त के चलते हालत खराब हो गई है। प्रभावितों में से दो महिलाओ की मौत हो गई, वहीं 10 गम्भीर मरीजों को जिला अस्पताल एवं सीएचसी कुआकोंडा रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम बड़े गुडरा पहुंच कर कर प्रभावितों का इलाज कर रही है।

उल्टी दस्त का प्रकोप पूरे गांव में फैल गया है। बीमारी की खबर लगते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुची जिनके द्वारा गांव में मौजूद लोगों का उपचार शिविर लगाकर किया जा रहा है। बड़ेगुडरा पंचायत के कवासी पारा में उल्टी-दस्त की बीमारी से दो महिला लखमे और वेल्लीकी मौत हो गई है, वहीं 20 ग्रामीणों की हालत चिंताजनक है स्वास्थ्य महकमे की टीम गांव में पहुंच गई हैं और बीमारों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र कुआकोंडा और दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भी भर्ती कराया जा गया है।

फ़ूड पॉइज़निंग या आंत्रशोथ का प्रकोप

गांव में बीमारी किस वजह से फैली है, इस बात का पता नहीं लग सका है, लेकिन ग्रामीण दूषित पानी पीने से बीमारी फैलने का अंदेशा जता रहे हैं। मगर डॉक्टरों का कहना है कि पानी की बजाए भोजन में कोई गलत चीज खाने से यह बीमारी फैली होगी। मृतकों के परिजनों का कहना है कि उल्टी दस्त का प्रकोप फैलने की वजह से उनके परिवार के लोगों की मौत हुई है।

डॉ. वेणुगोपाल राव का कहना है कि 7 गंभीर मरीजों को दंतेवाड़ा और 3 को कुआकोंडा स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया है, उनका उपचार किया जा रहा है। बाकी के मरीजों का गांव में भी उपचार किया जा रहा है। यह बीमारी कैसे फैली इस बात का पता रिपोर्ट आने के बाद ही लग सकेगा। फिलहाल ऐसा लग रहा है कि भोजन में कोई गलत चीज खाने से इस तरह की दिक्कत हुई होगी।

डॉ. वेणुगोपाल राव

कुछ लोगों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि गांव में भोज का कार्यक्रम हुआ था और ग्रामीणों ने एक साथ भोजन किया था। मगर कोई भी ग्रामीण कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। डायरिया का प्रकोप है या फूड पॉइजनिंग, डॉक्टरों की टीम इस बात की जांच कर रही है।

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