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बलरामपुर। शहर में हुई मारपीट के एक मामले में कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर इलाके के विधायक ने पहले तो धरना प्रदर्शन किया, फिर अगले दिन बंद का आयोजन कर डाला। कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद बृहस्पत सिंह ने कहा कि उनकी मांगों पर कार्रवाई जरूर होगी और अगर नहीं हुई तो मामला विधानसभा में उठाएंगे, सरकार को सदन से घोषणा करनी होगी।

उग्र होते जा रहे हैं विधायक के तेवर

छत्तीसगढ़ में सत्तापक्ष के बहुचर्चित विधायक बृहस्पत सिंह ने दो दिन पहले बलरामपुर में मारपीट के एक मामले में बीच सड़क पर धरना दे दिया और जिले के SP को बर्खास्त करने की मांग करते हुए “दंगाई एसपी” का पोस्टर पूरे शहर में लगवा दिया। देर शाम मामला कुछ शांत हुआ, मगर विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने अगले दिन शहर बंद का आयोजन किया और कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।

मंच से बताया थानों का “रेट”

पुलिस के खिलाफ बलरामपुर बंद के दौरान आयोजित सभा में बृहस्पत सिंह ने कहा कि यहां की पुलिस मार खाने और मारने वाले दोनों से पैसा वसूल करती है और फिर उसी हिसाब से थाने में धारा दर्ज की जाती है। पूरे जिले में थानों में प्रभार देने का “रेट” तय कर दिया गया है। बड़े थाने में पोस्टिंग के लिए पांच तथा छोटे के लिए 3 लाख रुपए महीना रेट चल रहा है। पुलिस चौकी दो लाख रुपए में बेची जा रही है। एक सब इंस्पेक्टर का नाम लेकर उन्होंने कहा कि वह हर महीने 5 लाख रुपए वसूल कर “एसपी” को देता है। विधायक ने पुलिस पर वसूली के और भी कई आरोप लगाए।

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IAS अफसरों पर मनमानी का आरोप

बृहस्पत सिंह ने 2 आईएएस अफसरों का भी नाम लिया और कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर इन्होंने मनमाने ढंग से तोड़फोड़ का काम किया था। इस कार्रवाई के खिलाफ भी आंदोलन किया गया था।

“सरकार को कार्रवाई करनी ही होगी”

शहर बंद और आम सभा के बाद विधायक बृहस्पत सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर विजय दयाराम को ज्ञापन सौंपा है। इसमें मांग की गई है कि 15 फरवरी को हुई मारपीट के मामले में दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पीड़ितों के खिलाफ दर्ज किया गया काउंटर अपराध शून्य किया जाए और इन पर अपराध दर्ज करने वाले थाना प्रभारी को निलंबित करें। साथ ही उन्होंने पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग को बलरामपुर से हटाकर बर्खास्त करने की मांग की गई है। आखिर में बृहस्पत सिंह ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो इस मामले को विधानसभा में उठाया जायेगा। जरा सुनिए विधायक ने क्या कहा :

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SP मोहित गर्ग ने साधा मौन

इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक गर्ग का केवल यही कहना है कि मारपीट के प्रकरण में पूरी कार्रवाई नियमानुसार हुई है। विधायक के आरोपों पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि SP मोहित गर्ग पूर्व में कवर्धा जिले में पदस्थ रह चुके हैं, और वहां उनके कार्यकाल के दौरान हुई सांप्रदायिक घटना को लेकर विधायक बृहस्पत सिंह बार-बार SP गर्ग के ऊपर निशाना साध रहे हैं, और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ये है पूरा मामला

दो दिन पूर्व बलरामपुर में एक आरोपी अमित सिंह और अंबिकापुर से आए उसके कई साथियों ने पटवारी हामिद रजा और उनका बीच बचाव करने वालों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। पुलिस ने जब मामले में दोनों पक्षों पर अपराध दर्ज किया तो 16 फरवरी को एसपी को बर्खास्त करने की मांग को लेकर विधायक बृहस्पत सिंह नेशनल हाईवे पर धरना देकर बैठ गए थे। कल 17 फरवरी को इसी मामले में बलरामपुर बंद रखा गया था। पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग को दंगाई बताते हुए शहर में पोस्टर भी चिपकाए गए थे। विधायक ने उन्हें तुरंत बर्खास्त करने की मांग उठाई है। इधर पुलिस ने जिन 8 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है, उन सभी को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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