प्रयागराज: उमेश पाल हत्याकांड में पेशी के लिए साबरमती जेल से प्रयागराज लाए गए माफिया डॉन अतीक अहमद और अशरफ को कोर्ट ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने सिर्फ सात दिन की रिमांड दी। वहीं कोर्ट परिसर में वकीलों ने अतीक अहदम के ऊपर बोतल फेंकी। अतीक अहमद के वकील ने कोर्ट में कहा कि भला जेल में रहकर कोई हत्या की साजिश कैसे रच सकता है। पुलिस के पास इसके कोई सबूत भी नहीं हैं। सुनवाई के दौरान अतीक और अशरफ के वकील ने कोर्ट में पुलिस कस्टडी का विरोध किया। वकील ने कहा कि जिस समय यह वारदात हुई दोनों भाई जेल में बंद थे। इनके हत्या में शामिल होने की बात गलत है।

जानकारी के अनुसार झांसी पुलिस ने अतीक के बेटे असद का एनकाउंटर कर उसे मार गिराया है। इस खबर से अतीक अहमद कोर्ट परिसर में ही रोने लगा। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई है। उसने हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत की है। उसका इलाज कराया जा रहा है। उधर, जॉइंट पुलिस कमिश्नर आकाश कुलहरी ने बताया कि वह बार-बार तबीयत खराब होने की शिकायत कर रहा है। इसलिए उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए डॉक्टरों की एक रिजर्व टीम लगाई गई है। कुख्यात माफिया डॉन अतीक अहमद को बुधवार की शाम को ही नैनी जेल लाया गया था, जहां से उसे आज कोर्ट में पेश किया गया।

See also  Atiq Ahmed Links ISI: अतीक ने कबूला- ISI और लश्कर से रिश्ते, सीमा पार से जाते हैं गोला-बारूद, बेटे असद के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं

अतीक-अशरफ के लिए सवालों की लंबी लिस्ट तैयार

अतीक और अशरफ की रिमांड मिलने के बाद यूपी एसटीएफ पूछताछ करेगी। एसटीएफ ने अतीक और अशरफ से पूछताछ के लिए सवालों की लंबी लिस्ट तैयार की है। उमेश पाल मर्डर केस में अतीक का पूरा खानदान फंसा हुआ है। कुछ लोग जेल में हैं तो कुछ फरार हैं। बीबी, बेटा, बहन, भांजी फरार है लेकिन पुलिस का शिकंजा ऐसा कसा कि अब बहन और भांजी सरेंडर करने के लिए कोर्ट में अर्जी लगा रही हैं।

UPSTF दोनों भाइयों की करेगी ज्वाइंट इंटेरोगेशन
प्रयागराज पुलिस ने कोर्ट में बताया कि दोनों भाइयों की ज्वाइंट इंटेरोगेशन ज़रूरी है। कई शूटर्स पकड़े जाने बाकी हैं। अतीक और अशरफ ने कैसे पूरी साज़िश रची। एक-एक जांच को आगे बढ़ाना है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि शाइस्ता परवीन और आयशा की भूमिका शूटर्स के मददगारों के तौर पर रही। हथियार कहां से आए, शूटर्स को पैसे कैसे दिए गए, इन सबकी जांच होनी है। इसलिए पुलिस ने दोनों की 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने 7 दिन की न्यायिक हिरासत ही दी है।

See also  छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में हुई लीपा-पोती की जांच करेगी केंद्रीय टीम

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर