बालोद: बालोद जिले का गुंडरदेही विधानसभा सीट, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन से जुड़ा हुआ है. पाटन विधानसभा के कारण गुंडरदेही विधानसभा का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. पिछले चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के कुंवर सिंह निषाद ने बाजी मारी थी. कुंवर सिंह निषाद ने बीजेपी के दिग्गज नेता ताराचंद साहू के बेटे को हराया था. कुंवर सिंह निषाद ने पिछला चुनाव 55 हजार से ज्यादा वोटों से जीता था.

दोनों ही प्रत्याशियों का आखिरी समय में चयन :

कांग्रेस पार्टी से कुंवर सिंह निषाद और भारतीय जनता पार्टी से दीपक ताराचंद साहू को टिकट मिला था. लेकिन दोनों ही प्रत्याशियों की राजनीति में सक्रियता कम थी.ऐसा माना जा रहा था कि ताराचंद साहू के बेटे दीपक साहू को जनता अपना आशीर्वाद देगी. लेकिन ऐसा ना हो सका. कुंवर सिंह निषाद ने ये चुनाव भारी मतों से जीता. साल 2018 के विधानसभा चुनाव परिणाम की बात करें तो कुंवर सिंह निषाद को 1,10,369 मत मिले.वहीं बीजेपी के दीपक साहू को 54,975 और जेसीसीजे के राजेंद्र कुमार राय को 8648 वोट मिले.

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साल 2018 के चुनावी नतीजेमतदाताओं की स्थिति :

गुण्डरदेही विधानसभा में वर्तमान में 2 लाख 35 हजार 513 मतदाता हैं. जिसमें पुरुष मतदाता 117977, महिला मतदाता 117529 वहीं अन्य मतदाता की संख्या 7 है.

विधानसभा में मतदाता की स्थितिकिस समाज का है दबदबा :

बालोद विधानसभा में अलग-अलग समुदाय और अलग-अलग जाति से कैंडिडेट विधायक बन रहे हैं. पूर्व में जहां साहू समाज, ओबीसी वर्ग और भारतीय जनता पार्टी का दबदबा रहा. उसके बाद आदिवासी वर्ग से पूर्व विधायक राजेंद्र कुमार राय ने विधायक के रूप में अपनी जगह बनाई. पिछले चुनाव में निषाद समाज से कुंवर सिंह निषाद विधायक के रुप में काबिज हैं.

ये हो सकते हैं मुद्दे :

बालोद जिले के गुंडरदेही विधानसभा की बात करें तो यहां पर अवैध शराब एक बड़ा मुद्दा है. वहीं अंदरूनी क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति काफी खराब है. सिंचाई की बात करें तो पहले मटिया मोती बांध से पानी दिया जाता था.अब वह भी बंद हो गया है. गुंडरदेही विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी हो या कांग्रेस चुनाव में चेहरा ही मायने रखेगा. कुंवर सिंह के हिसाब से मिलनसार जुझारू व्यक्तित्व की तलाश भारतीय जनता पार्टी को करनी पड़ेगी. वहीं उस क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य भी काफी सक्रिय हैं. भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो पूर्व विधायक क्षेत्र में सक्रिय हैं और टिकट के लिए उम्मीदवारी का दम भर रहे हैं.

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