लोकसभा की तैयारी सियासी दलों और प्रशासनिक महकमो में जोरों पर

रायपुर/राजनांदगांव। पूरे प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर सरगरमी तेज हो गई है। भाजपा जहां जीतने वाले कैंडिडेट को लेकर मंथन कर रही है ताकि मिशन 11 में फतह हासिल कर सके। वही कांग्रेस बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतरने के लिए मान मनौव्वल कर रही है। विधानसभा चुनाव निपटने के बाद अब लोकसभा की तैयारी सियासी दलों और प्रशासनिक महकमो में जोरों पर है।

इसी तैयारी के चलते प्रदेश के सबसे चर्चित सीट राजनांदगांव है जिसे डा, रमनसिंह कर्मभूमि कहा जाता है। राज्य डबल इंजन की सरकार है। भाजपा के मौजूदा सांसद संतोष पांडे को क्या फिर से मौका दे सकती है? जिस हिसाब से भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव में नए चेहरे को मौका देकर और नए चेहरे का फॉर्मूला देकर पार्टी सफल रही।

लोकसभा में भी अगर यही नए चेहरे का फार्मूला लोकसभा की 11 सीटों में पार्टी तय करती है तब राजनांदगांव में भी नए चेहरे को मौका मिल सकता है। क्योंकि पूर्व सांसद मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, प्रदेश प्रवक्ता नीलू शर्मा व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी इनको लोकसभा का प्रभारी, संयोजक व सहसंयोजक बनाए जाने के बाद आम जनता में यह चर्चा है कि इनको अब लोकसभा का प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा।

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जो भाजपा का समीकरण है उसके हिसाब से हो सकता है राजनांदगांव से किसी नए चेहरे को पार्टी मौका दे सकती है। नए चेहरे में अभी कमल सोनी का नाम तेजी से उभरा है। आने वाले समय में संभवतःऔर कई नए नाम सामने आ सकते हैं। इसलिए नए चेहरे की तलाश कर रही है।

क्योंकि जनता में मोदी लहर के चलते नए चेहरे को देखना चाहती है, लेकिन इस बार राजनांदगांव मुख्यालय से ही लोकसभा से नए प्रत्याशी की संभावना बढ़ गई है। क्योंकि वर्तमान सांसद संतोष पांडे भी कवर्धा के रहने वाले हैं और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी कवर्धा से ही आते हैं और अभी वर्तमान विधायक डॉ. रमन सिंह भी कवर्धा निवासी है।

इसलिए राजनांदगांव मुख्यालय से ही लोकसभा प्रत्याशी की संभावना बढ़ गई है और वहीं लोकसभा का कांकेर प्रभारी अभिषेक सिंह को बनाया गया है। लोकसभा प्रभारी बनाए जाने के कारण इसे अब लोकसभा की टिकट बाहर माना जा रहा है। राजनांदगांव लोक सभा संयोजक मधुसूदन यादव को बनाया गया है।

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क्योंकि विधानसभा में नए चेहरे को टिकट देकर पार्टी को लाभ हुआ है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है इसलिए संभवतः 11 के 11 लोकसभा में नए चेहरे पर दाव लगा सकती है। जिससे निश्चित रूप से पार्टी को फायदा होगा। जनता के बीच अब नए चेहरे में कमल सोनी के नाम की चर्चा जारो पर है सूत्रों से पता चला है कि छत्तीसगढ़ के पूरे 11 लोकसभा में नए चेहरे पर दांव लगा सकती हैं।