टीआरपी डेस्क। राजनांदगांव में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने रविवार रात को पार्षद के प्रत्याशियों की सूची जारी की, जिसमें एक नाम विशेष रूप से चर्चा में है। यह नाम है शैंकी बग्गा का, जिन्होंने IES (Indian Engineering Service) की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर भाजपा ज्वाइन की और अब राजनांदगांव के शितला माता वार्ड, जमातपारा से पार्षद के चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय लिया।

शैंकी बग्गा का सफर न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह दिखाता है कि व्यक्तिगत सफलताओं को जनसेवा के लिए छोड़ा जा सकता है। 2013 बैच के युवा IES अफसर रहे शैंकी का मूल निवास राजनांदगांव है। इससे पहले उन्होंने IIT बॉम्बे से M.Tech किया और UPSC में सफलता प्राप्त कर IES सेवाओं में अपना स्थान बनाया। उन्होंने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री नागपुर के भंडारा और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर अपनी सेवाएं दी।

शैंकी के लिए यह सफर सिर्फ करियर की सीढ़ियां चढ़ने तक सीमित नहीं था। उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला लिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। शैंकी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उससे मैं बहुत प्रेरित हूं। उनका विजन और समर्पण मुझे हमेशा से प्रभावित करता रहा है। मैंने अपनी IES की नौकरी छोड़ी ताकि मैं देश की सेवा में एक नई दिशा में अपना योगदान दे सकूं।

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उनका मानना है कि आने वाले 25 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था 40 मिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी, और इसे साकार करने के लिए नीति-निर्माण के साथ हमें जमीनी स्तर पर काम करना होगा। यही कारण है कि शैंकी ने राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखा।

चाय बेचने वाले को महापौर का टिकट
भाजपा ने सभी नगर निगमों में मेयर पदों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सूची में एक ऐसा नाम शामिल है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। जी हां, रायगढ़ के महापौर प्रत्याशी के रूप में जीवर्धन चौहान का नाम देखने को मिला। जीवर्धन एक चाय की दुकान चलाते है और लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं। जबकि उनका नाम न तो उम्मीदवारों की दौड़ में शामिल था और न ही उनके नाम की कोई सुगबुगाहट थी। वहीं, पार्टी ने उन्हें एक बड़ा मौका दिया है।

जीवर्धन का महापौर प्रत्याशी बनना प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी के नेताओं का तर्क है कि एक चाय बेचने वाले से दिन में कई लोग मिलते हैं और आमजनों की परेशानियों को वे अच्छे से समझते हैं। यह एक बड़ी वजह है कि जीवर्धन को टिकट देने का फैसला पार्टी ने किया है।

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जीवर्धन चौहान का कहना है कि मैं अपनी खुशी का इजहार नहीं कर सकता। मैं पिछले 29 सालों से पार्टी से जुड़ा रहा और जो जिम्मेदारी मिली, उसे पूरा किया। शहर के सभी लोग मुझे जानते हैं, चुनाव के लिए हमारी अच्छी तैयारी है, हम जरूर जीतेंगे।